सूरत : अब लोकल ट्रेनों में भी मिलेगी मेल-एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं, इन शहरों से होगी शुरुआत
Surat: Now, local trains will also get mail-express like facilities, starting from these cities
देश के डेली पैसेंजरों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है. भारतीय रेलवे इन लोगों की सुविधा के लिए लोकल ट्रेनों में कई बदलाव करने जा रहा है. मुंबई और सूरत के बीच इसकी तैयारी चल रही है. पश्चिम रेलवे लंबे समय से इस रूट पर सबअर्बन ट्रेन सर्विस शुरू करने की योजना बना रहा है. रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सूरत स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाने का काम चल रहा है, जिससे भविष्य में मुंबई-सूरत के बीच ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकें. अभी इस रूट पर विरार-सूरत मेमू ट्रेन और लंबी दूरी की ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन आम लोगों की लोकल जैसी सुविधा की मांग लगातार बढ़ रही है.
सूरत : देश के डेली पैसेंजरों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है. भारतीय रेलवे इन लोगों की सुविधा के लिए लोकल ट्रेनों में कई बदलाव करने जा रहा है. मुंबई और सूरत के बीच इसकी तैयारी चल रही है. पश्चिम रेलवे लंबे समय से इस रूट पर सबअर्बन ट्रेन सर्विस शुरू करने की योजना बना रहा है. रेल मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार सूरत स्टेशन पर दो अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनाने का काम चल रहा है, जिससे भविष्य में मुंबई-सूरत के बीच ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकें. अभी इस रूट पर विरार-सूरत मेमू ट्रेन और लंबी दूरी की ट्रेनें चल रही हैं, लेकिन आम लोगों की लोकल जैसी सुविधा की मांग लगातार बढ़ रही है. रेल मंत्रालय के अनुसार पुरानी ईएमयू लोकल ट्रेनों की बजाय अब अपग्रेडेड मेमू ट्रेनें चलाई जाएंगी. ये ट्रेनें लंबी दूरी के लिए बेहतर रहेंगी और इनमें टॉयलेट जैसी जरूरी सुविधाएं भी होंगी. इसके अलावा रेलवे नमो भारत ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है. ये ट्रेन एसी और नॉन-एसी दोनों कोच वाली होंगी.
पश्चिम रेलवे पहले ही अहमदाबाद-भुज रूट पर नमो भारत ट्रेन चला चुका है. उसी मॉडल को मुंबई-सूरत रूट पर भी आजमाया जा सकता है. एक और विकल्प वंदे मेट्रो ट्रेन का भी तैयारी है. यह ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की तरह ही बनी है, लेकिन छोटी दूरी के लिए ज्यादा उपयुक्त है.
इसकी अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा है. 12 कोच वाली वंदे मेट्रो ट्रेन में करीब 1,150 यात्री बैठ सकते हैं और 2,000 से ज्यादा यात्री खड़े हो सकते हैं. सूरत स्टेशन का रिडेवलपमेंट 1,477 करोड़ रुपये की लागत से चल रहा है. अभी तक इसकी लगभग 45 फीसदी का काम पूरा हो चुका है. पूरा काम 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है. अतिरिक्त प्लेटफॉर्म बनने के बाद ही मुंबई-सूरत के बीच नई लोकल जैसी ट्रेन सर्विस शुरू की जा सकेंगी. इस योजना से मुंबई और सूरत के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलने मिलेगी, सफर आरामदायक हो सकेगा.


