नवी मुंबई : बीजेपी और एकनाथ शिंदे सेना आमने-सामने, परिवहन समिति के चुनाव में दोनों ने खड़े किए प्रत्याशी
Navi Mumbai: BJP and Eknath Shinde Sena face off, both field candidates in the Transport Committee elections.
नवी मुंबई महानगर पलिका चुनाव के बाद मंगलवार को बीजेपी और शिवसेना एकनाथ शिंदे की तरफ से स्वीकृत नगरसेवक (सदस्य) पद के लिए उम्मीदवारों ने अपना नॉमिनेशन भर दिया। इस बार पालिका में 10 स्वीकृत सदस्यों की संख्या रहेगी, इसके लिए बीजेपी की तरफ से 6 और शिवसेना की तरफ से 4 सदस्यों ने नामांकन भरा। बीजेपी को तरफ से छह सदस्यों में से पूर्व नगरसेवक भरत नखाते, कुलदीप सूरी, अमित मेढ़कर, अपर्णा गवते, जगजीवन (बंडू) केणी, लक्ष्मीकांत पाटील ने नामांकन भरा है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) की तरफ से साहिल चौगुले, अंकुश कदम, सुरेश भिल्लारे और द्वारकानाथ भोईर ने फॉर्म भरा।
मुंबई : नवी मुंबई महानगर पलिका चुनाव के बाद मंगलवार को बीजेपी और शिवसेना एकनाथ शिंदे की तरफ से स्वीकृत नगरसेवक (सदस्य) पद के लिए उम्मीदवारों ने अपना नॉमिनेशन भर दिया। इस बार पालिका में 10 स्वीकृत सदस्यों की संख्या रहेगी, इसके लिए बीजेपी की तरफ से 6 और शिवसेना की तरफ से 4 सदस्यों ने नामांकन भरा। बीजेपी को तरफ से छह सदस्यों में से पूर्व नगरसेवक भरत नखाते, कुलदीप सूरी, अमित मेढ़कर, अपर्णा गवते, जगजीवन (बंडू) केणी, लक्ष्मीकांत पाटील ने नामांकन भरा है। वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) की तरफ से साहिल चौगुले, अंकुश कदम, सुरेश भिल्लारे और द्वारकानाथ भोईर ने फॉर्म भरा।
बीजेपी ने हारे उम्मीदवारों को दिया मौका
स्वीकृत नगरसेवकों के लिए बीजेपी की तरफ से 6 में से 4 ऐसे सदस्य हैं, जिन्हें महानगर पलिका चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। भरत नखाते भी पूर्व नगरसेवक रहे है, लेकिन इस बार वीजेपी उन्हें टिकट नहीं दे पाई थी। सिर्फ कुलदीप सूरी एकमात्र व्यक्ति है, जिनका कोई बड़ा राजनीतिक करियर नहीं था, हालांकि वह सिख समाज के बड़े नेता है। वहीं, शिवसेना की तरफ से पार्टी के लिए काम करने वाले सांगतनिक सदस्यों को मौका दिया गया है।
एकनाथ शिंदे के करीबी अंकुश कदम
अंकुश कदम को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का करीबी माना जाता है, जिन्हें इसमें जगह मिली है। जबकि, द्वारकानाथ भोईर शिवसेना ऐरोली के शहर प्रमुख है। साहिल चौगुले ने निर्दलीय नामांकन भरा था, लेकिन पार्टी के अनुरोध पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया। सुरेश भिल्लारे लंबे समय से शिवसेना में काम कर रहे थे।
परिवहन समिति में चुनाव की स्थिति
नवी मुंबई में विभिन्न समितियों में सबसे प्रमुख परिवहन समिति में कुल 13 सदस्यों की संख्या के लिए पक्ष और विपक्ष को उनके नगरसेवको की संख्या के अनुपात में परिवहन समिति में जगह मिलती है। इस तरह बीजेपी को 8 और शिवरोना को 5 सदस्य गिलने थे, लेकिन बीजेपी की तरफ से 12 सदस्यों ने फॉर्म भर दिया। शिवसेना ने पहले 5 सदस्यों के ही फोर्म भरे थे। हालांकि, जब उन्हेपता चला कि बीजेपी ने राजनीतिक खेल कर दिया है, तो उन्होने तत्काल 3 अन्य लोगो के फॉर्म भरे। इस तरह शिक्सेना की तरफ से 8 सदस्यों के फॉर्ग भर दिए है। अगर 19 फरवरी तक उम्मीदवारों ने नाम वापस नहीं लिए और उनका नामाकन खारिज नहीं हुआ, तो महासभा में चुनाव की स्थिति बनेगी।
मंदा म्हात्रे के कार्यकर्ता नजरअंदाज
चुनाव में टिकट से लेकर स्वीकृत नगरसेवकों और परिवहन समिति में बीजेपी की तरफ से सभी नाईक समर्थको को शामिल किया गया है। जबकि, मंदा म्हात्रे के एक भी सनर्धक को मौका नहीं गिला है। जिससे गंदा म्हात्रे नाराज हो गई है। उन्होने कहा कि नाईक परिवार मुझे क्या झटका देगा? गैने खुद उनको दो बार झटका दिया है। एकबार गणेश नाईक और दूसारी बार उनके बेटे संदीप नाईक को मात दी है। मै कभी किसी के सागने पद गांगने नहीं गई हूं। वही, गंदा म्हात्रे की नाराजगी पर पूर्व सासद संजीव नाईक ने कहा कि सभी नाम वरिष्ठ नेताओ ने दिए है। हमने किसी का नाम नहीं काटा है।


