मुंबई : बोरीवली की तरह एक-दूसरे से इंटर कनेक्टेड होंगे विरार स्टेशन के प्लेटफार्म, एलिवेटेड लेन से गुजरेंगी गाड़ियां
Mumbai: Virar station platforms will be interconnected like Borivali, trains will pass through elevated lanes.
विरार में आबादी लगातार बढ़ने से स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ भी तेजी से बढ़ रही है। खासकर पीक आवर्स में यहां भारी जमावड़ा देखने को मिलता है। इसी बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए विरार स्टेशन के पुनर्विकास का काम शुरू किया गया है। मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) द्वारा एमयूटीपी-III के तहत किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में यात्रियों की सुविधा के लिए डेक, एस्केलेटर और एलीवेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुंबई : विरार में आबादी लगातार बढ़ने से स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ भी तेजी से बढ़ रही है। खासकर पीक आवर्स में यहां भारी जमावड़ा देखने को मिलता है। इसी बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए विरार स्टेशन के पुनर्विकास का काम शुरू किया गया है। मुंबई रेलवे विकास कॉर्पोरेशन (एमआरवीसी) द्वारा एमयूटीपी-III के तहत किए जा रहे इस प्रोजेक्ट में यात्रियों की सुविधा के लिए डेक, एस्केलेटर और एलीवेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके अलावा स्टेशन के बाहर के क्षेत्र को भी व्यवस्था कर जगह बढ़ाई जा रही है। इससे यात्रियों की आवाजाही अधिक आसान और सुगम हो सकेगी।
खास बात तो यह है कि विरार स्टेशन को बोरीवली की तरह बनाया जा रहा है। जहां एक प्लेटफार्म दूसरे प्लेटफार्म से इंटर कनेक्टेड होगा। इसके साथ ही नए प्लेटफार्म का भी निर्माण किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट 2 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को भी गति देगा। इसके साथ ही डेक का भी निर्माण किया जाएगा, जो की अधिकांश प्लेटफार्म से एक्सक्लेटर, एलिवेटर और सीढ़ियों के माध्यम से जोड़ा जाएगा। पहले चरण का काम 2025 में शुरू किया गया है और अब काम ने गति पकड़ ली है। फिलहाल प्लेटफॉर्म नंबर 3A को चौड़ा करने और विरार स्टेशन पर एक नया होम प्लेटफॉर्म 5A बनाने का काम किया जा रहा है।
2 प्रोजेक्ट को मिलेगी गति
वर्तमान में 2 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का काम किया जा रहा है। पहला है बोरीवली-विरार पांचवी- छठी लाइन और और दूसरा है विरार-दहानू चौपदीकरण का काम। विरार रीडेवलपमेंट का काम इन दोनों प्रोजेक्ट को गति देगा। इस काम का फायदा सबअर्बन और एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए अलग डेडिकेटेड लाइन बनाने में भी होगा। साथ ही कुछ समय पहले, नया डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम भी विरार पार करके भिवंडी पहुंच गया है। इसका मतलब है कि मालगाड़ियां अब विरार को बाईपास कर सकती हैं। इससे मौजूदा ट्रैक पर एक और लोड कम हो जाएगा। इन कामों से स्टेशन की कैपेसिटी बढ़ेगी और भविष्य में बढ़ते रेल ट्रैफिक के लिए आसान ऑपरेशन में मदद मिलेगी।
ऊंचे डेक का किया जा रहा निर्माण
भीड़भाड़ को कम करने के लिए एमआरवीसी मध्य और उत्तरी एफओबी को डेक की मदद से जोड़ेगी। 280x25 मीटर आकार के ऊंचे डेक का निर्माण किया जा रहा है। जो प्लेटफॉर्म 2,3,4 और नए प्रस्तावित प्लेटफार्म नंबर 5 बी को कवर करेगा। इस डेक पर जाने के लिए 4 एस्केलेटर और 2 लिफ्ट बनाए जा रहे है। साथ ही मौजूदा प्लेटफॉर्म 5, 6 और बुकिंग कार्यालय को जोड़ने वाला एक नया एफओबी भी इस डेक से जोड़ा जाएगा। इस डेक पर 1 बुकिंग ऑफिस और वीवीएमसी द्वारा प्रोपोसड एस+3 बिल्डिंग भी बनाया जाएगा। ताकि यात्रियों को ऑटो की सुविधा मिल सके।
एलिवेटेड होगा रिक्शा स्टैंड
स्टेशन के बाहर शेयरिंग ऑटो और अन्य वाहनों की भीड़ की समस्या को दूर करने के लिए एक एलिवेटेड स्ट्रक्चर बनाया जाएगा। इसमें एक लेन में ऑटो-रिक्शा और अन्य वाहन खड़े हो सकेंगे, जिससे स्टेशन के बाहर लगने वाला जाम खत्म होगा।यह काम वसई-विरार महानगरपालिका द्वारा किया जाएगा।


