मुंबई : वायु गुणवत्ता सूचकांक १६० से १८० के बीच; आम नागरिकों के लिए यह स्तर भी चिंता बढ़ाने वाला है
Mumbai: Air quality index between 160 and 180; even this level is a cause for concern for the general public.
शनिवार की सुबह मुंबई को एक बार फिर चेतावनी देकर गई। सड़कें चमकदार दिखीं, ट्रैफिक कुछ हद तक सुचारु रहा, लेकिन हवा की सेहत ने खतरे की घंटी बजा दी। शनिवार सुबह सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक १६० से १८० के बीच दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, लेकिन आम नागरिकों के लिए यह स्तर भी चिंता बढ़ाने वाला है। बिगड़ती हवा को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है।
मुंबई : शनिवार की सुबह मुंबई को एक बार फिर चेतावनी देकर गई। सड़कें चमकदार दिखीं, ट्रैफिक कुछ हद तक सुचारु रहा, लेकिन हवा की सेहत ने खतरे की घंटी बजा दी। शनिवार सुबह सामने आए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, मुंबई का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक १६० से १८० के बीच दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है, लेकिन आम नागरिकों के लिए यह स्तर भी चिंता बढ़ाने वाला है। बिगड़ती हवा को देखते हुए प्रशासन ने निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है। अब देखना यह है कि सख्ती वास्तव में लागू होगी या फिर पुराने दावों की तरह हवा में ही उड़ जाएगी। नागरिक समीर ऐप के जरिए अपने इलाके की वास्तविक स्थिति खुद देख सकते हैं।
दूसरी ओर, मरीन ड्राइव से वर्ली तक कोस्टल रोड पर फिलहाल सफर कुछ राहत भरा रहा। बीएमसी ने कोस्टल रोड के आसपास चल रहे सौंदर्यीकरण और अंतिम चरण के कामों के दौरान धूल नियंत्रण के उपाय और कड़े करने का दावा किया है। पानी का छिड़काव, ढंके हुए ट्रक और नियमित निगरानी की बातें हो रही हैं, लेकिन मुंबईकर पूछ रहे हैं कि क्या इससे हवा वाकई साफ होगी?
ट्रैफिक मोर्चे पर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। शाम ५ बजे से रात ९ बजे तक वर्ली एंड पर भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गई है, ताकि पीक आवर्स में जाम से कराह रही मुंबई को कुछ राहत मिल सके। हवा बिगड़ी है, चेतावनी साफ है। अब देखना यह है कि अलर्ट मोड में आई मुंबई सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रहती है या शहर की सेहत सुधारने के लिए ठोस कदम उठाती है।


