अंधेरी में ७वीं में पढ़नेवाली बच्ची को मोबाइल पर रील देखने से रोका तो वह घर से भाग गई; दादर से हिरासत में 

A 7th class girl from Andheri ran away from home after being stopped from watching reels on mobile; arrested from Dadar

  अंधेरी में ७वीं में पढ़नेवाली बच्ची को मोबाइल पर रील देखने से रोका तो वह घर से भाग गई; दादर से हिरासत में 

स्मार्टफोन का नशा अब न केवल युवाओं, बल्कि बच्चों को भी बर्बाद कर रहा है। आमतौर पर आप कहीं भी देख सकते हैं कि मां-बाप छोटे-छोटे बच्चों को भी टाइम पास करने व खेलने के लिए सेल फोन थमा देते हैं। उस वक्त तो उन्हें अच्छा लगता है, पर बाद में यह आदत जी का जंजाल बन जाती है। सेलफोन की इस सनक की एक घटना अंधेरी में देखने को मिली है। वहां मां-बाप ने अपनी ७वीं में पढ़नेवाली अपनी बच्ची को मोबाइल पर रील देखने से रोका तो वह घर से ही भाग गई। घर से भागते वक्त उसने अपनी दो हमउम्र सहेलियों को भी साथ ले लिया।

मुंबई : स्मार्टफोन का नशा अब न केवल युवाओं, बल्कि बच्चों को भी बर्बाद कर रहा है। आमतौर पर आप कहीं भी देख सकते हैं कि मां-बाप छोटे-छोटे बच्चों को भी टाइम पास करने व खेलने के लिए सेल फोन थमा देते हैं। उस वक्त तो उन्हें अच्छा लगता है, पर बाद में यह आदत जी का जंजाल बन जाती है। सेलफोन की इस सनक की एक घटना अंधेरी में देखने को मिली है। वहां मां-बाप ने अपनी ७वीं में पढ़नेवाली अपनी बच्ची को मोबाइल पर रील देखने से रोका तो वह घर से ही भाग गई। घर से भागते वक्त उसने अपनी दो हमउम्र सहेलियों को भी साथ ले लिया।

गौरतलब है कि बच्चों व युवाओं के बीच मोबाइल के इस्तेमाल और सोशल मीडिया का नशा इतना बढ़ता जा रहा है कि नाबालिग लड़के और लड़कियां किसी भी हद को पार कर रहे हैं। मोबाइल की लत छुड़ाना मां-बाप के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। रील देखने से रोकने पर नाबालिग लड़की के भागने की घटना घटी है। बता दें कि कुछ महीने पहले मीरा-भायंदर से भी कुछ ऐसी ही खबर आई थी कि रील देखने पर जब माता-पिता ने डांटा तो वहां भी लड़कियों ने घर छोड़ दिया था। 

सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग लड़की हमेशा अपने सेलफोन पर सोशल मीडिया के वीडियो क्लिप्स देखती रहती थी। उसकी इस आदत से उसके पिता परेशान थे। इसके लिए वह अक्सर अपनी बेटी को डांटते रहते थे। बेटी को यह बात काफी बुरी लगती थी। इसी क्रम में एक दिन वह गुस्से में घर छोड़कर चली गई। आश्चर्य की बात है कि लड़की घर से निकलते समय अपने साथ दो सहेलियों को भी ले गई। तीनों लड़कियां कक्षा ७ में पढ़ती हैं। पुलिस के अनुसार, तीनों लड़कियों की उम्र १४ साल की है। तीनों लड़कियों के घर से भागने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। लड़कियों को घर से भागने का पता चलते ही उसके पिता ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। उन्होंने एमआईडीसी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एमआईडीसी पुलिस ने जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की और सीसीटीवी और तकनीकी जानकारी के आधार पर लड़कियों को खोजना शुरू किया। पुलिस की तकनीकी जानकारी के आधार पर लड़कियों का सुराग मिला कि लड़कियां अंधेरी से दादर रेलवे स्टेशन की तरफ गई हैं। इस जानकारी के आधार पर मुंबई पुलिस ने चार घंटे में लड़कियों को ढूंढ निकाला। एमआईडीसी पुलिस ने दादर रेलवे स्टेशन क्षेत्र से लड़कियों को हिरासत में लिया और उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया। प्राथमिक जांच में यही निकलकर आया कि अधिक मोबाइल इस्तेमाल करने के लिए मां-बाप की फटकार से नाराज होकर लड़कियों ने घर छोड़ा था। हालांकि, पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं किसी बाहरी शख्स ने इन लड़कियों को बहला-फुसलाकर घर से भागने के लिए उकसाया तो नहीं?