मुंबई : छात्रा ने फोन रिपेयर के लिए दिया; निजी फोटो, चैट और अन्य संवेदनशील डेटा के लीक होने की शिकायत
Mumbai: Student hands over phone for repair; complains of leak of private photos, chats and other sensitive data
नेहा (बदला हुआ नाम) मुंबई में रहती है और वह एक छात्रा है। वह पिछले दो साल से एक ही स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रही थी। एक दिन कॉलेज से घर लौटते समय उसका फोन हाथ से गिर गया और स्क्रीन में दरार आ गई। नेहा ने फोन को एक थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर पर रिपेयर के लिए दे दिया, लेकिन फोन वापस मिलने के कुछ ही घंटों बाद उसके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उसने कभी कल्पना नहीं की थी।
मुंबई : नेहा (बदला हुआ नाम) मुंबई में रहती है और वह एक छात्रा है। वह पिछले दो साल से एक ही स्मार्टफोन इस्तेमाल कर रही थी। एक दिन कॉलेज से घर लौटते समय उसका फोन हाथ से गिर गया और स्क्रीन में दरार आ गई। नेहा ने फोन को एक थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर पर रिपेयर के लिए दे दिया, लेकिन फोन वापस मिलने के कुछ ही घंटों बाद उसके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसकी उसने कभी कल्पना नहीं की थी।
डेटा लीक की शिकायतें
अचानक उसके पास माता-पिता, दोस्तों और सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के कॉल और मैसेज आने लगे। उसकी निजी जानकारी और पर्सनल डेटा ऑनलाइन लीक हो चुका था। यह सिर्फ एक नेहा का मामला नहीं है, बल्कि आए दिन तमाम लोगों के साथ इस तरह की चीजें होती हैं। कई लोग फोन रिपेयर के बाद अपने निजी फोटो, चैट और अन्य संवेदनशील डेटा के लीक होने की शिकायत कर चुके हैं।
रिपेयर के दौरान आपका डेटा कैसे एक्सेस हो जाता है?
जब आप फोन रिपेयर के लिए देते हैं, तो अधिकृत सर्विस सेंटर आमतौर पर आपसे पूछते हैं कि क्या आपने फोन का डेटा डिलीट कर दिया है। अगर नहीं, तो वे पहले डेटा बैकअप लेकर फोन को रीसेट करने की सलाह देते हैं।लेकिन कई थर्ड-पार्टी सर्विस सेंटर फोन का पासवर्ड या पिन मांग लेते हैं।
लॉक खोलकर देने की सलाह
वे अक्सर यह कहकर बहाना बनाते हैं कि “फोन टेस्ट करना है” या “लॉक रहेगा तो रिपेयर नहीं हो पाएगा”। यहीं से असली खतरा शुरू होता है। एक बार पासवर्ड मिलते ही वे आपके फोन में मौजूद फोटो, बैंकिंग डिटेल्स, ईमेल और सोशल मीडिया अकाउंट तक आसानी से पहुंच सकते हैं।
फोन ठीक, लेकिन खतरा छिपा हुआ
फोन वापस मिलने पर सब कुछ सामान्य लगता है। डिवाइस ठीक से काम करने लगता है, लेकिन कुछ घंटों या दिनों बाद अनजान कॉल आने लगते हैं। कभी पैसे की मांग होती है, तो कभी निजी डेटा लीक करने की धमकी। कई मामलों में तो डेटा पहले ही लीक हो चुका होता है।
खुद को सुरक्षित कैसे रखें?
सबसे पहली बात, किसी भी सर्विस सेंटर को अपना फोन पासवर्ड या पिन देना जरूरी नहीं है। आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में Repair Mode या Maintenance Mode दिया जाता है। इस मोड को ऑन करने पर फोन एक अलग, सुरक्षित प्रोफाइल बना लेता है, जिसमें आपकी निजी जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
रिपेयर या गेस्ट मोड को ऑन करें
रिपेयर के बाद पासवर्ड डालते ही आप अपने सामान्य मोड में वापस आ सकते हैं। अगर आपके फोन में रिपेयर मोड नहीं है, तो Guest Mode एक अच्छा विकल्प है। यह भी आपके डेटा को अलग रखता है और रिपेयर या आपात स्थिति में फोन इस्तेमाल करने की अनुमति देता है।
डेटा बैकअप है सबसे कारगर
अगर ये दोनों विकल्प उपलब्ध नहीं हैं, तो आखिरी रास्ता यही है कि पहले पूरा डेटा बैकअप लें, फोन को रीसेट करें और फिर रिपेयर के लिए दें। रिपेयर के बाद दोबारा लॉग-इन कर डेटा वापस डाउनलोड कर लें। थोड़ी सावधानी आपको बड़े डिजिटल नुकसान से बचा सकती है।


