मुंबई :58 करोड़ के साइबर ठगी के पीड़ित बुजुर्ग को 2 करोड़ रुपये वापस; फरार मास्टरमाइंड की तलाश तेज, 3 लाख का इनाम घोषित
Mumbai: Elderly victim of ₹58 crore cyber fraud gets ₹2 crore back; search intensifies for absconding mastermind, ₹3 lakh reward announced
देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। 58.13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी के इस सनसनीखेज मामले में साइबर पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त के रूप में वापस दिला दी है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रिकवरी की दिशा में अहम कदम है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत भी मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस ठगी के मास्टरमाइंड के ऊपर 3 लाख का इनाम घोषित किया गया है।
मुंबई : देश के सबसे बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी मामले में महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। 58.13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम ठगी के इस सनसनीखेज मामले में साइबर पुलिस ने अदालत के आदेश के तहत पीड़ित को 2 करोड़ रुपये की पहली किस्त के रूप में वापस दिला दी है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रिकवरी की दिशा में अहम कदम है, बल्कि साइबर अपराध के खिलाफ सख्त रुख का स्पष्ट संकेत भी मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस ठगी के मास्टरमाइंड के ऊपर 3 लाख का इनाम घोषित किया गया है।
महाराष्ट्र में साइबर सुरक्षा और साइबर अपराधों की नोडल एजेंसी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, महाराष्ट्र साइबर कार्यालय द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(सी) और 66(डी) के अंतर्गत दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर पीड़ित से करोड़ों रुपये की ठगी की। लगातार तकनीकी विश्लेषण, वित्तीय ट्रैकिंग और बैंकों के साथ गहन समन्वय के चलते महाराष्ट्र साइबर ने जटिल लेन-देन की कड़ियों को जोड़ते हुए ठगी की राशि तक पहुंच बनाई। समय रहते कानूनी प्रक्रिया पूरी कर अदालत से अनुमति मिलने के बाद 2 करोड़ रुपये की राशि पीड़ित को लौटाई गई। अधिकारियों के अनुसार, यह केवल पहली किस्त है और आगे भी जब्त संपत्तियों के जरिए रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। इस रिकवरी से पीड़ित को आर्थिक राहत के साथ-साथ मानसिक संबल भी मिला है। महाराष्ट्र साइबर अधिकारियों का कहना है कि विभाग की प्राथमिकता केवल अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि साइबर ठगी से वंचित लोगों को जल्द से जल्द न्याय और राहत दिलाना भी है।
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से जुड़ी कई चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर उन्हें फ्रीज किया गया है, जिन्हें न्यायालय के आदेश के बाद रिकवर की गई संपत्ति माना जाएगा। इस अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के मुख्य साजिशकर्ताओं पर शिकंजा और कसा जा रहा है। मामले का प्रमुख आरोपी देवेंद्र सैनी अब भी फरार है, जिसे पूरे नेटवर्क का अहम ऑपरेशनल हैंडलर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र साइबर ने 3 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। पुलिस को भरोसा है कि अंतरराज्यीय तालमेल और जनसहयोग से आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महाराष्ट्र साइबर ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। 58 करोड़ रुपये के इस महाघोटाले में पहली किस्त की सफल वापसी यह दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक, मजबूत जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।


