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मुंबई : लोकल रेट पर मुंबई एयरपोर्ट में मिल रहा चाय-समोसा! महंगाई से परेशान यात्रियों के लिए इस कैफे का बड़ा तोहफा

मुंबई : लोकल रेट पर मुंबई एयरपोर्ट में मिल रहा चाय-समोसा! महंगाई से परेशान यात्रियों के लिए इस कैफे का बड़ा तोहफा छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अब यात्रियों को 'स्ट्रीट रेट' पर खाना मिलेगा. केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने उड़ान यात्री कैफे का ई-उद्घाटन किया है. टर्मिनल 2 (T2) पर स्थित इस कैफे में चाय और पानी मात्र 10 रुपये में, जबकि कॉफी और समोसे जैसे स्नैक्स सिर्फ 20 रुपये में उपलब्ध हैं. सामान्यत: हवाई अड्डों पर एक कप चाय या एक समोसा खरीदने के लिए 200 रुपये से ज्यादा पेमेंट करना पड़ता है. यात्रियों की इसी मजबूरी और बेबसी के बीच मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसकी सभी जगह चर्चा हो रही है.
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नालासोपारा में आर्थिक तंगी से परेशान एक ओला चालक ने अपने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली

नालासोपारा में आर्थिक तंगी से परेशान एक ओला चालक ने अपने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली ओला और उबर जैसे एग्रीगेटर्स से जुड़े चालकों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आई है। नालासोपारा में आर्थिक तंगी से परेशान एक ओला चालक ने अपने घर में जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली।
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नालासोपारा: फेरीवालों और रिक्शावालों से त्रस्त नालासोपारा की जनता; अवैध वाहनों का 'राज' फिर शुरू जनता की परेशानी

नालासोपारा: फेरीवालों और रिक्शावालों से त्रस्त नालासोपारा की जनता; अवैध वाहनों का 'राज' फिर शुरू जनता की परेशानी वसई-विरार क्षेत्र की सड़कें एक बार फिर अवैध वाहनों के बेखौफ गढ़ बन गई है। आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस द्वारा महज कुछ दिनों की 'दिखावटी' कार्रवाई के बाद, जर्जर और बिना कागजात वाले सैकड़ों वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं, जिससे न केवल गंभीर ट्रैफिक जाम हो रहा है, बल्कि यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ गई है। इस स्थिति से स्थानीय नागरिक और वैध रिक्शा चालक खासे परेशान हैं।
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ठाणे में मौसम विभाग का अलर्ट फेल... जनता परेशान !

ठाणे में मौसम विभाग का अलर्ट फेल... जनता परेशान ! बीते पंद्रह दिनों से ठाणे जिले में मौसम विभाग द्वारा लगातार रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में न बारिश ने रफ्तार पकड़ी और न ही लोगों की उम्मीदें पूरी हुईं। परिणामस्वरूप, नागरिकों के मन में मौसम विभाग की विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बता दें कि रेड अलर्ट यानी 204.5 मिमी से अधिक बारिश की भविष्यवाणी दो बार की गई, पर आंकड़ा 50 मिमी तक भी नहीं पहुंचा।
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