notices
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई : बीएमसी के 100 डॉक्टरों को नोटिस... केईएम, सायन, नायर समेत पांच प्रमुख अस्पतालों के डॉक्टरों पर कार्रवाई
Published On
By Online Desk
बीएमसी प्रशासन द्वारा प्रोफेसर डॉक्टर पर उनकी उपस्थिति को लेकर दिया दिशा निर्देश से हो रही परेशानी और नोटिस को लेकर समय से पहले ही नौकरी छोड़ने की तैयारी दिखाई है इसमें केईएम के तीन मुख्य डॉक्टर मुख्य रूप से हैं। डॉक्टरों ने बड़े पैमाने पर वीआरएस लेने की तैयारी कर रहे हैं। मुंबई की सड़कों पर आरटीओ का 'मराठी टेस्ट', 5211 ड्राइवरों की जांच, 777 को नोटिस
Published On
By Online Desk
मुंबई की सड़कों पर इन दिनों सिर्फ ट्रैफिक नियमों की जांच नहीं हो रही है. ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों के लिए मराठी की भी परीक्षा ली जा रही है. महाराष्ट्र परिवहन विभाग ने राज्यभर में शुरू किए गए निरीक्षण अभियान के तीसरे दिन तक 5,211 ड्राइवरों की जांच की. मुंबई : केंद्र ने केस वापसी का किया वादा, पर मुंबई पुलिस प्रदर्शनकारियों को भेज रही नोटिस
Published On
By Online Desk
कॉकरोच जनता पार्टी ने बताया कि केंद्र ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस ले लिए जाएंगे। बावजूद इसके मुंबई पुलिस प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर में नामजद लोगों को नोटिस भेज रही है लोगों को उनके बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा रहा है। पुलिस का कहना था कि उन्हें जांच रोकने के कोई निर्देश नहीं मिले हैं। कई छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स ने बताया कि उन्हें पुलिस से नोटिस या कॉल आए, जिनमें उन्हें पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा गया था। नासिक : म्हाडा घोटाला... 59 बिल्डरों को नोटिस, मनपा की बड़ी कार्रवाई; अब जांच के घेरे में डेवलपर्स
Published On
By Online Desk
इस मामले में मनपा ने 59 विकासकों (डेवलपर्स) को नोटिस जारी किए हैं। तत्कालीन अधिकारियों द्वारा दी गई ले आउट मंजूरियां अब गहन जांच के घेरे में हैं। जांच में सामने आया है कि बिल्डरों ने म्हाडा के नियमों से बचने के लिए एक सोची-समझी साजिश रची थी। नियमानुसार, एक निश्चित क्षेत्र से बड़े भूखंड पर म्हाडा के लिए घर देना अनिवार्य होता है। इस अनिवार्य शर्त को टालने के लिए बिल्डरों ने जमीन के बड़े टुकड़ों को एक एकड़ से कम के छोटे-छोटे ले-आउट में बांट दिया। इस प्रक्रिया को अंजाम देने के लिए भूमि अभिलेख विभाग की फर्जी मुहरों और हस्ताक्षरों का उपयोग किया गया। 
