fielded
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मुंबई : मालेगांव में मजबूरी, BJP ने उतारे चार मुस्लिम कैंडिडेट, सवाल पर क्या बोले रवींद्र चव्हाण?
Published On
By Online Desk
बीएमसी चुनावों के बाद मुंबई का मेयर कौन बनेगा? इसको लेकर जुबानी जंग जारी है। न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी की जीत के बाद मुंबई बीजेपी चीफ अमीत साटम ने कहा था कि किसी खान को बीएमसी में मेयर की कुर्सी की पर नहीं बैठने देंगे। अंबरनाथ : भाजपा विधायक किसन कथोरे की घोषणा; निकाय चुनावों में पार्टी द्वारा उतारे जा रहे दो उम्मीदवार उत्तर भारतीय होंगे
Published On
By Online Desk
उत्तर भारतीयों की एक सभा को संबोधित करते हुए, अंबरनाथ-बदलापुर के भाजपा विधायक किसन कथोरे ने घोषणा की कि आगामी नगर निकाय चुनावों में पार्टी द्वारा उतारे जा रहे दो उम्मीदवार उत्तर भारतीय होंगे। यह समुदाय, जो मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में मराठी भाषी लोगों के बाद दूसरा सबसे बड़ा समुदाय है, सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना द्वारा आक्रामक रूप से लुभाने की कोशिश की जा रही है, जबकि ठाकरे परिवार मराठी मानुस के एजेंडे पर ज़ोर दे रहा है। अमित शाह के 'ऑर्डर' पर बहन के खिलाफ पत्नी को चुनाव में उतारा था - अजित पवार
Published On
By Online Desk
इसी बीच एनसीपी नेता अजित पवार बीते लोकसभा चुनाव को लेकर चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. अजित पवार ने कहा कि बारामती से बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को चुनावी मैदान में उतारने का उनका फैसला गलता था. इस बीच उन्होंने उस कयास पर भी विराम लगा दिया जिसमें कहा गया था कि बारामती सीट से सुनेत्रा पवार को चुनाव में उतारने का 'ऑर्डर' केंद्रीय मंत्री अमित शाह की ओर से दिया गया था. शिंदे गुट से अब संजय निरुपम को बड़ा झटका... मुंबई उत्तर-पश्चिम सीट से उतारा प्रत्याशी
Published On
By Online Desk
शिवसेना उद्धव गुट ने मुंबई नॉर्थ वेस्ट सीट से अमोल कीर्तिकर को मैदान में उतार दिया है जबकि इस सीट से खुद संजय निरुपम चुनाव लड़ना चाहते थे। इसके बाद संजय निरुपम ने अपनी ही पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को सवालों के कठघरे में खड़ा किया था। उन्होंने कांग्रेस पर महाविकास अघाड़ी सरकार के समक्ष नतमस्तक होने का आरोप लगाया था। इसके बाद मल्लिकार्जुन खरगे ने संजय निरुपम को तत्काल प्रभाव से 6 सालों के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 
