ठाणे मनपा चुनाव को देखते हुए महाविकास गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दे रही है

Rokthok Lekhani
ठाणे : ठाणे में शुक्रवार को आंदोलन कर आरोप लगाया गया कि ठाणे के हज़ूरी क्षेत्र में महानगर पालिका प्रशासन जानबूझकर नागरिकों की सुविधाओं और विकास कार्यों की उपेक्षा कर रहा है। हालांकि अब शिवसेना ने इस बात का सबूत दे दिया है कि यह आंदोलन तथ्यहीन है। वहीं आगामी ठाणे मनपा चुनाव को देखते हुए महाविकास गठबंधन में दरार पड़ती दिखाई दे रही है।
राकांपा नेता फिरोज पठान की ओर से क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए शुक्रवार को आंदोलन किया गया। जिलानी वाड़ी में सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों का पुनर्वास, उर्दू स्कूल के मैदान में डाटा सेंटर भवन के निर्माण से स्कूल के मैदान प्रभावित हुए हैं, जिनका अभी तक पुनर्वास नहीं हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने वैकल्पिक नालों के निर्माण की मांग की थी।
शिवसेना के स्थानीय नगरसेवक विकास रेपाले ने दावा किया है कि प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। हजूरी स्कूल के सामने किसी भी तरह का कोई मैदान नहीं था और सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित लोगों को मकान उपलब्ध करा दिए गए हैं। 45 फीट सड़क को 60 फीट बनाने का प्रस्ताव भी पारित किया गया है। हालांकि, बारिश के कारण काम रुका हुआ है और जल्द ही शुरू हो जाएगा। ऐसे में अब सवाल खड़ा हो गया है कि आंदोलन का मकसद क्या था। शिवसेना ने यह भी दावा किया है कि यह केवल आगामी मनपा चुनावों को ध्यान में रखते हुए एक स्टंट था। लेकिन इस दौरान देखा गया है कि शिवसेना और एनसीपी के बीच फिर मुकाबला शुरू हो गया है।


