यह बदले और साजिश की कार्रवाई, निलंबन के विरोध में जाएंगे अदालत: आशीष शेलार
Rokthok Lekhani
मुंबई : भाजपा विधायक आशीष शेलार ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार ने बदले और साजिश के तहत 12 विधायकों को निलंबित किया है और इसके खिलाफ अदालत में अपील दायर करेंगे। वे बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में बोल रहे थे। शेलार ने कहा कि बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फड़नवीस के सरकारी आवास सागर पर निलंबित 12 विधायकों की बैठक हुई है।
इस दौरान कानूनी विशेषज्ञों के साथ चर्चा की गई और निलंबन के खिलाफ अपील करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय मानसून सत्र में 12 विधायकों का निलंबन एक साजिश और बदला लेने की कार्रवाई है। इस निलंबन की कार्रवाई के दौरान पर्दे के पीछे जो कुछ हुआ, उसके कई चौंकाने वाले विवरण अब हमारे सामने आ रहे हैं। इनका हम उचित समय पर खुलासा कर विस्फोट करेंगे। बदले की कार्रवाई करते हुए जिन विधायकों को निलंबित किया गया है, वे विधायक घटना के वक्त मौजूद नहीं थे। इसकी वजह यह है कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं।
अर्थात यह एक राजनीतिक षडयंत्र है और इसके लिए 12 नामों का चयन किया गया। ये 12 नाम ही क्यों तय किए गए? निलंबन के लिए एक वर्ष का समय क्यों निश्चित किया गया? कोई भी गलती नहीं होते हुए, किसी ने गाली गलौज नहीं की, तब भी यह कार्रवाई की गई। यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है।
शेलार ने कहा कि शिवसेना विधायकों ने गाली गलौज की, उन्होंने हमला करने का प्रयास किया। यह तालिका अध्यक्ष भास्कर जाधव ने सदन में मान्य किया, लेकिन शिवसेना विधायकों काे क्यों नहीं निलंबित किया गया? प्रेस कांफ्रेंस में पूर्व मंत्री गिरीश महाजन, मुंबई के प्रभारी विधायक अतुल भातखलकर, योगेश सागर, पराग अलवणी मौजूद थे।
शेलार ने सवाल किया कि 47 साल के प्रतिबंध को हटाकर शराब के लाइसेंस जारी करने और 125 साल पुराने गणेशोत्सव पर प्रतिबंध क्यों? उन्होंने कहा कि इस बारे में शिवसेना सर्वदलीय बैठक करने की बजाय सेना भवन में चोरी-चोरी-चुपके-चुपके बैठक क्यों कर रही है? उन्होंने कहा कि गणेश मूर्तियों की ऊंचाई की सीमा तय करने से कोरोना कैसे रुकेगा? भीड़ के अन्य नियम हमें मंजूर है, लेकिन घरों की मूर्ति की ऊंचाई सरकार कैसे तय कर सकती है।


