मुंबई : कस्तूरबा अस्पताल में शुरू होगी जीनोम सिक्वेंसिंग लैब

मुंबई : कस्तूरबा अस्पताल में शुरू होगी जीनोम सिक्वेंसिंग लैब


Rokthok Lekhani

मुंबई : कोरोना के नए वेरिएंट ‘डेल्टा प्लस’ का पता लगाने के लिए अब लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मुंबई मनपा कस्तूरबा अस्पताल में जीनोम सिक्वेंसिंग की प्रयोगशाला शुरू करने जा रही है। इससे जांच रिपोर्ट केवल ४८ से ७२ घंटे में मिल जाएगी, इसके लिए अमेरिका से मशीन लाई जा रही है। यह प्रयोगशाला सप्ताहभर में शुरू होने की उम्मीद है। यह जानकारी मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने कल परेल के वाडिया अस्पताल में आयोजित टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान दी।
महापौर ने बताया कि जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए मुंबई से पुणे के एनआईवी में सैंपल भेजे जाते हैं, जिसकी रिपोर्ट आने में २ महीने लगते हैं। लेकिन कस्तूरबा में इसकी टेस्टिंग होने से महज ४८ से ७२ घंटे में रिपोर्ट मिल जाएगी। इससे मनपा को आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी।

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कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह से नियंत्रण में भले ही आ गई हो लेकिन कोरोना के ‘डेल्टा प्लस’ वैरिएंट का खतरा बना हुआ है। स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। कोरोना के कारण व्यापार पर असर पड़ा है लेकिन जान है तो जहान है। हमें मिलकर इस संकट को मात देना है।

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वाडिया अस्पताल में कल महापौर किशोरी पेडणेकर की उपस्थिति में २०० से अधिक तृतीयपंथियों व महिला सेक्स वर्वâरों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दी गई। वाडिया अस्पताल के सहयोग से लाभार्थियों को कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खुराक लगाई गई। सेक्स वर्वâरों के लिए मुंबई में यह पहला टीकाकरण अभियान बताया जा रहा है। इस दौरान लाभार्थियों को राशन किट भी वितरित की गई। ‘आर्य संगठन’ ने ‘गौरव’ और ‘आस्था’ परिवार के सहयोग से यह अभियान शुरू किया है। इस अवसर पर शिवसेना विधायक अजय चौधरी, मानवाधिकार कार्यकर्ता जैनब पटेल, मुंबई जिला एड्स कंट्रोल सोसायटी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक डॉ. श्रीकला आचार्य, वाडिया अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मिनी बोधनवाला और किरण जैन उपस्थित थे।

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अतिरिक्त मनपा आयुक्त सुरेश काकाणी के अनुसार एक सैंपल के जिनोम सिक्वेंसिंग के लिए करीब ७ हजार से १२ हजार रुपए तक का खर्च आता है। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए आवश्यक नैनोपोर सिक्वेंसिंग तकनीक आने से मनपा को यह जांच काफी सस्ती पड़ेगी। जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए अमेरिका से आयात की जा रही मशीन की लागत साढ़े छह करोड़ रुपए है।

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