भारत लौट रहे अभिजीत डिपके, जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले संविधान पर जताया भरोसा
Abhijit Dipke returns to India, expresses faith in the Constitution ahead of Jantar Mantar protest
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके अमेरिका से भारत लौट रहे हैं। जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्होंने कहा कि वह अपना भाग्य संविधान के हाथों में छोड़कर आ रहे हैं। प्रदर्शन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने अमेरिका से भारत लौटते समय एक संदेश जारी कर कहा है कि वह अपना भविष्य और संघर्ष संविधान के हाथों में छोड़कर भारत आ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "मैं भारत आ रहा हूं... अपना भाग्य संविधान के हाथों में छोड़कर।"
डिपके 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए भारत लौट रहे हैं। यह प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित किया जा रहा है। CJP का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं और परीक्षा प्रबंधन से जुड़े विवादों ने लाखों छात्रों को प्रभावित किया है।
हाल ही में डिपके ने अपने समर्थकों से दिल्ली हवाई अड्डे पर भीड़ न लगाने की अपील भी की थी। उन्होंने कहा कि आंदोलन का फोकस छात्रों के मुद्दों और संवैधानिक तरीकों से अपनी बात रखने पर होना चाहिए।
इससे पहले CJP ने दिल्ली में अपने तीन आधिकारिक प्रवक्ताओं की घोषणा की थी और जंतर-मंतर प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की थी। संगठन का दावा है कि यह आंदोलन युवाओं, शिक्षा और जवाबदेही जैसे मुद्दों पर केंद्रित है।
इस बीच, प्रदर्शन को लेकर कानूनी और राजनीतिक बहस भी जारी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रदर्शन पर प्रतिबंध या अतिरिक्त पाबंदियों की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है।
वहीं, कुछ विवादित वीडियो और बयानों को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। हालांकि डिपके ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनका प्रस्तावित प्रदर्शन शांतिपूर्ण, कानूनी और संवैधानिक दायरे में रहेगा।


