मुंबई के लाइसेंसधारी फेरीवालों को मिलेंगे QR कोड आईडी कार्ड, निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
Licensed hawkers in Mumbai will receive QR code ID cards, strengthening monitoring system
मुंबई में लाइसेंसधारी फेरीवालों को जल्द QR कोड आधारित पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। BMC का कहना है कि इससे वैध फेरीवालों की पहचान आसान होगी और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को मजबूती मिलेगी।
मुंबई में फेरीवालों के नियमन और निगरानी को मजबूत करने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने लाइसेंसधारी फेरीवालों को QR कोड आधारित पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस पहल का उद्देश्य पंजीकृत और अपंजीकृत फेरीवालों के बीच स्पष्ट अंतर करना तथा शहर में अवैध अतिक्रमण पर नियंत्रण रखना है।
अधिकारियों के अनुसार, QR कोड युक्त पहचान पत्रों में फेरीवाले का पंजीकरण विवरण, लाइसेंस संबंधी जानकारी और निर्धारित व्यापार क्षेत्र का रिकॉर्ड मौजूद रहेगा। इससे निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को तुरंत सत्यापन करने में सुविधा होगी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल पर भी रोक लग सकेगी।
नगर प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद वैध फेरीवालों को अनावश्यक कार्रवाई से राहत मिलेगी, जबकि बिना अनुमति कारोबार करने वालों के खिलाफ प्रभावी कदम उठाना आसान होगा। इसके साथ ही शहर के फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
फेरीवाला संगठनों ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि वर्षों से वैध रूप से व्यवसाय कर रहे लोगों की पहचान सुनिश्चित होना जरूरी है। उनका कहना है कि पंजीकृत फेरीवालों को बार-बार जांच और कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, जिसे नई प्रणाली कम कर सकती है।
हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी पात्र फेरीवालों को समयबद्ध तरीके से पहचान पत्र जारी करने और फेरीवाला नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया था। इसके बाद BMC ने प्रक्रिया में तेजी लाई है।
प्रशासन का कहना है कि QR कोड आधारित पहचान प्रणाली लागू होने के बाद शहर में फेरीवाला प्रबंधन अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित होगा, जिससे नागरिकों, व्यापारियों और वैध फेरीवालों सभी को लाभ मिलेगा।


