मुंबई के पंजीकृत फेरीवालों को 10 जून तक मिलेंगे पहचान पत्र, अवैध फेरीवालों पर कार्रवाई की मांग
Mumbai's registered hawkers will receive identity cards by June 10, demanding action against illegal hawkers.
मुंबई के पंजीकृत फेरीवालों को 10 जून तक QR कोड आधारित पहचान पत्र मिलेंगे। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कहा कि कार्रवाई केवल अपंजीकृत और अवैध फेरीवालों पर होनी चाहिए, जबकि वैध फेरीवालों को संरक्षण मिलना चाहिए।
मुंबई में पंजीकृत फेरीवालों (हॉकरों) को जल्द ही आधिकारिक पहचान पत्र मिलने जा रहे हैं। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने आश्वासन दिया है कि शहर के सभी पंजीकृत फेरीवालों को 10 जून तक पहचान पत्र जारी कर दिए जाएंगे।
निरुपम ने यह जानकारी BMC आयुक्त अश्विनी भिड़े के साथ हुई बैठक के बाद दी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत फेरीवालों के खिलाफ चलाए गए अभियानों का असर कई पंजीकृत फेरीवालों पर भी पड़ा है, जबकि कानून के तहत उन्हें संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि कार्रवाई केवल अपंजीकृत और अवैध फेरीवालों के खिलाफ होनी चाहिए, न कि उन लोगों के खिलाफ जो वर्षों से वैध रूप से अपना व्यवसाय कर रहे हैं। उनके अनुसार, हजारों परिवारों की आजीविका सड़क किनारे व्यापार पर निर्भर है और ऐसे में वैध फेरीवालों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
BMC द्वारा जारी किए जाने वाले नए पहचान पत्र QR कोड आधारित होंगे, जिससे फेरीवालों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सकेगी। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी पात्र फेरीवालों को QR कोड युक्त पहचान पत्र जारी करने के निर्देश दिए थे।
निरुपम का मानना है कि पहचान पत्र मिलने के बाद पंजीकृत फेरीवालों को अपने व्यवसाय के दौरान बार-बार होने वाली कार्रवाई और अनिश्चितता से राहत मिलेगी। वहीं, प्रशासन का कहना है कि शहर में अनधिकृत फेरीवालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा ताकि फुटपाथों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यवस्था बनाए रखी जा सके।


