पुणे जहरीली शराब कांड: 19 मौतों के बाद एक्साइज विभाग का बड़ा एक्शन, मिथेनॉल नेटवर्क पर शिकंजा
Pune Toxic Liquor Tragedy: Excise Department Launches Crackdown After 19 Deaths Linked To Methanol-Laced Alcohol
पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में मिथेनॉल मिली जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत के बाद एक्साइज विभाग और पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया। कई आरोपियों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई।
पुणे : महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ में जहरीली शराब पीने से हुई 19 लोगों की मौत के बाद राज्य एक्साइज विभाग और पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों ने मिथेनॉल मिली अवैध शराब के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
अधिकारियों के अनुसार मृतकों ने कथित तौर पर ऐसी देशी शराब का सेवन किया था जिसमें मिथेनॉल नामक जहरीला रसायन मिलाया गया था। यह रसायन शरीर में पहुंचने के बाद अंधापन, अंगों के फेल होने और मौत जैसी गंभीर स्थितियां पैदा कर सकता है।
जांच में सामने आया है कि इस अवैध शराब नेटवर्क का संचालन कई इलाकों में फैला हुआ था। पुलिस और एक्साइज विभाग की संयुक्त कार्रवाई में सैकड़ों लीटर संदिग्ध शराब जब्त की गई है, जिसे बाजार में बेचने की तैयारी थी। अधिकारियों का मानना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो मौतों का आंकड़ा और बढ़ सकता था।
मामले में योगेश वानखेडे उर्फ सिकंदर राठौड़ को कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने मिथेनॉल मिलाकर शराब तैयार की और विभिन्न सप्लायरों के जरिए उसे पुणे तथा पिंपरी-चिंचवड़ के कई क्षेत्रों में पहुंचाया। कई अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया है।
घटना के बाद राज्य सरकार ने भी सख्त रुख अपनाया है। अवैध शराब कारोबार पर नियंत्रण में कथित लापरवाही को लेकर कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है ताकि शराब निर्माण, सप्लाई और वितरण से जुड़े सभी लोगों की पहचान की जा सके।
डॉक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचाए गए कई लोगों में मिथेनॉल विषाक्तता के गंभीर लक्षण पाए गए, जिनमें धुंधला दिखना, सांस लेने में दिक्कत, बेहोशी और अन्य जटिल स्वास्थ्य समस्याएं शामिल हैं। कई मरीजों का अभी भी इलाज चल रहा है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर महाराष्ट्र में अवैध शराब के कारोबार और उसकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस, एक्साइज विभाग और अन्य एजेंसियां पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच में जुटी हुई हैं और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।


