मुंबई: एक्स NIA चीफ सदानंद दाते के हस्ताक्षर वाला नोटिस दिखाकर सवा 2 करोड़ की ठगी, पुलिस ने एक को दबोचा
Mumbai: Police arrested a man for allegedly duping a man of Rs 2.25 crore by showing a notice signed by former NIA chief Sadanand Date.
साइबर ठगों के लिए कमीशन लेकर बैंक खाता मुहैया कराने वाले एक आरोपी को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान किशन मकवाना (35) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मकवाना साइबर ठगों के संपर्क में था और उन्होंने पीड़ित बुजुर्ग के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी के लिए किया। 77 साल पीड़ित गोरेगांव में रहते हैं। नवंबर 2025 में उन्हें दो कथित पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिन्होंने कहा कि उनके आधार कार्ड से जम्मू-कश्मीर की एक नामचीन बैंक में खाता खुला है। खाते में जम्मू कश्मीर पुलिस के रेडार पर रहे आतंकवादियों के नाम से पैसे जमा पाए गए हैं।
मुंबई: साइबर ठगों के लिए कमीशन लेकर बैंक खाता मुहैया कराने वाले एक आरोपी को साइबर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान किशन मकवाना (35) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार मकवाना साइबर ठगों के संपर्क में था और उन्होंने पीड़ित बुजुर्ग के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी के लिए किया। 77 साल पीड़ित गोरेगांव में रहते हैं। नवंबर 2025 में उन्हें दो कथित पुलिस अधिकारियों का फोन आया, जिन्होंने कहा कि उनके आधार कार्ड से जम्मू-कश्मीर की एक नामचीन बैंक में खाता खुला है। खाते में जम्मू कश्मीर पुलिस के रेडार पर रहे आतंकवादियों के नाम से पैसे जमा पाए गए हैं। अगर वे इन मामलों से बचना चाहते हैं तो 70 लाख रुपये कमीशन के तौर पर उनको भेजना होगा और यदि वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
व्हाट्सएप पर नकली वारंट दिया
एफआईआर के अनुसार बुजुर्ग को विश्वास में लेने के लिए आरोपियों ने उनको उनके वाट्सएप पर नकली वारंट और पूर्व एनआईए प्रमुख सदानंद दाते के हस्ताक्षर वाली नोटिस भेज दी। इसके बाद 18 नवंबर से 3 दिसंबर तक केस से कथित तौर पर बचाने के लिए नाम पर आरोपियों ने बुजुर्ग को डरा-धमका कर उनसे सवा दो करोड़ रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। पैसे ट्रांसफर होते ही अचानक आरोपियों के कॉल आने बंद हो गए। बाद में जब पीड़ित को लगा कि वे तो साइबर ठगी का शिकार बन गए थे। उन्होंने इसकी शिकायत साइबर सेल में कर दी।
साइबर सेल ने मकवाना को किया अरेस्ट
महाराष्ट्र पुलिस साइबर सेल ने तकनीकी जांच के आधार पर किशन मकवाना को हिरासत में लिया। जांच में पाया कि वह साबइर ठगों को कमीशन पर बैंक खाता मुहैया कराता था। बुजुर्ग से हुई ठगी की रकम भी मकवाना द्वारा साइबर ठगों को उपलब्ध कराए गए एक बैंक खाते में जमा हुआ मिला। हालांकि, पुलिस अब मकवाना के जरिए असली साइबर ठग गिरोह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।


