मुंबई : मानसून में  मेट्रो के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम

Mumbai: Better arrangements for metro operations and safety of passengers during monsoon

मुंबई : मानसून में  मेट्रो के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम

महामुंबई मेट्रो ने मानसून में ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं. मानसून के दौरान बेहतर संचालन और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते हुए महामुंबई मेट्रो ऑपरेशन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने मेट्रो लाइन 2ए और 7 के लिए व्यापक मानसूनी तैयारी कार्यक्रम की शुरुआत की है.  

मुंबई : महामुंबई मेट्रो ने मानसून में ट्रेनों के संचालन और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए हैं. मानसून के दौरान बेहतर संचालन और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करते हुए महामुंबई मेट्रो ऑपरेशन्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने मेट्रो लाइन 2ए और 7 के लिए व्यापक मानसूनी तैयारी कार्यक्रम की शुरुआत की है.  

 

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एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त और एमएमएमओसीएल के अध्यक्ष डॉ. संजय मुखर्जी (भा.प्र.से.) के कुशल मार्गदर्शन और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए अध्यक्ष एकनाथ शिंदे के दूरदर्शी नेतृत्व में यह पहल शुरू की गई है. इसका उद्देश्य मुंबईवासियों को बिना किसी रुकावट के सुरक्षित और कुशल मेट्रो सेवा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है. 

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मुख्य मानसूनी उपाय 
1. मेट्रो लाइन 2ए और 7 के 10 प्रमुख स्टेशनों पर विंड वेलोसिटी एनिमोमीटर लगाए गए हैं, ताकि मौसम की जानकारी रियल-टाइम में मिलती रहे और संचालन से जुड़े निर्णय तुरंत लिए जा सकें. 
2. जलभराव की स्थिति में यात्री सुविधाएं प्रभावित न हों, इसके लिए बाढ़-प्रवण क्षेत्रों में मेट्रो की फ्रीक्वेंसी बढ़ा दी गई है, जिससे यात्री आसानी से और बिना देरी के सफर कर सकें. 
3. प्रत्येक स्टेशन पर कम से कम 64 हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे 24x7 निगरानी और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है. 
4. किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए बीएमसी आपदा प्रबंधन दल द्वारा उपयोग के लिए एक विशेष इमरजेंसी कोच स्टैंडबाय पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर जरूरी संसाधनों की तुरंत आवाजाही हो सके. 
5. सभी 30 स्टेशनों और चारकोप डिपो पर डीजी सेट, यूपीएस सिस्टम, लाइटनिंग अरेस्टर, अर्थिंग सिस्टम और डिवॉटरिंग पंप्स की सख्त जांच और परीक्षण किए गए हैं, ताकि मानसून में इनकी पूरी कार्यक्षमता बनी रहे. 
6. सभी 34 मेट्रो ट्रेनों पर वॉटरप्रूफिंग की व्यापक जांच की गई है, ताकि बारिश के दौरान किसी भी प्रकार का रिसाव न हो और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा अनुभव मिल सके. 
7. 35 किलोमीटर के पूरे वायाडक्ट की सफाई का काम पूरा कर लिया गया है, जिसमें रूफ गटर, रेनवॉटर डाउनटेक पाइप, सॉसर ड्रेन, मीडियन चेंबर और सीवर लाइन जैसी संरचनाएं शामिल हैं. यह सफाई सभी 30 स्टेशनों पर पूरी की गई है. 
8. 759 से अधिक इलेक्ट्रिकल इंसुलेटर, तीन रिसीविंग सबस्टेशनों (आरएसएस) से फीडिंग पोस्ट तक के 25 केवी केबल, ट्रान्सफॉर्मर बशिंग्स, सीटी, पीटी, लाइटनिंग अरेस्टर, न्यूट्रल आइसोलेटर और 34 स्विचगियर यूनिट्स में मौजूद हीटर की समय पर देखरेख और जांच पूरी कर ली गई है. 

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