ऑनलाइन सेक्स रैकेट का किया भंडाफोड़ क्राइम ब्रांच यूनिट 10 की बड़ी सफलता
एम.आई.आलम
मुम्बई क्राइम ब्रांच की यूनिट 10 ने मुम्बई में चल रहे ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर दो लड़कियों को उनके कब्जे से मुक्त कराया।
यूनिट 10 के पीआई सुनील माने को कुछ दिन पहले वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से निर्देश मिला था कि ऑनलाइन सेक्स रैकेट अवैध और घिनौने कारोबार को बढ़ावा दे रहा है, मुंबई में व्यापार के लिए विदेशी सहित निर्दोष लड़कियों की तस्करी कर रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश मिलने के बाद क्राइम ब्रांच टीम ने एनजीओ के सदस्यों की मदद से वरिष्ठों से प्राप्त इनपुट पर काम करना शुरू कर दिया। तब से लगातार मानव तस्करी और देह व्यापार के पीछे मास्टर माइंड का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच यूनिट 10 सक्रिय रही।
पुलिस टीम को पता चला कि जेबी नगर स्थित एक होटल में इस रैकेट की गतिविधियां है। पुलिस ने अपना जाल बिछाया और होटल रॉयल एलीट, जे.बी नगर, अंधेरी ईस्ट में बोगस कस्टमर की सहायता से छापा मारकर मास्टर माइंड गुल्ली नमन यादव उम्र 33 वर्ष, संतोष यादव उम्र 36, अशोक यादव उम्र 38 को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की और दो लड़कियों को उनके चुंगल से आज़ाद कराया।
यह शानदार सफलता प्राप्त करने वाली पुलिस टीम में पुलिस इंस्पेक्टर सुनील माने के अलावा एपीआई खरात, एपीआई चौधरी, एचसी तेली, धर्गलकर, चौर्य, सूर्यवंशी, नलवडे, अजीत पाटिल,
राजेश मोरे , पीसी थोंबरे, पवार, खाडे शामिल रहे।
पुलिस टीम ने अभियुक्तों के कब्जे से 8 अलग-अलग कंपनी के मोबाइल फोन, कुल ₹ 16000 नकद, एक वैगन आर कार, बरामद किया।
पुलिस पूछताछ में अभियुक्तों ने अपने दो अन्य साथियों समीर, और अमर यादव का नाम भी बताया जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
क्राइम ब्रांच यूनिट 10 टीम ने सारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद, अभियुक्तों और ज़ब्त सामानों को आगे की कार्रवाई के लिए स्थानीय अंधेरी पुलिस ठाणे के हवाले कर दिया। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अंधेरी पुलिस ठाणे में सीआर 561/19 यू / एस 370 (1), 34 आईपीसी आर / डब्ल्यू 3,4,5,7 पीआईएक्ट में अपराध दर्ज किया गया। दो अभियुक्त समीर और अमर यादव अभी भी फरार हैं।


