blasts
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: बिष्णुपुर में दोहरे धमाके, दो घायल; सुरक्षा चूक पर भड़के लोग, किया ये बड़ा एलान
Published On
By Online Desk
मणिपुर में शांति की कोशिशों के बीच एक बार फिर हिंसा ने सिर उठाया है। बिष्णुपुर जिले में सोमवार सुबह हुए दो लगातार धमाकों ने इलाके में दहशत फैला दी। इन धमाकों में दो स्थानीय लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस के मुताबिक पहला धमाका सुबह करीब 5.45 बजे फौगाकचाओ थाना क्षेत्र के नगौकॉन इलाके में हुआ। मुंबई ट्रिपल ब्लास्ट केस में एक बड़ा फैसला; 65 वर्षीय कफील अहमद अयूब को जमानत
Published On
By Online Desk
2011 के चर्चित मुंबई ट्रिपल ब्लास्ट केस में एक बड़ा फैसला आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने 65 वर्षीय कफील अहमद अयूब को जमानत दे दी है। अयूब करीब 14 साल से जेल में बंद था और उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और महाराष्ट्र के मकोका कानून के तहत मुकदमा चल रहा है। जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस आर.आर. भोंसले की बेंच ने यह कहते हुए जमानत दी कि अयूब को ट्रायल से पहले ही एक दशक से ज्यादा वक्त जेल में रखा गया है, जबकि मुकदमे के जल्द पूरा होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही। मुंबई : सीरियल ट्रेन धमाकों के मामले में 9 साल जेल में रहने वाले डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की
Published On
By Online Desk
2006 में हुए सीरियल ट्रेन धमाकों के मामले में 9 साल जेल में रहने वाले डॉ. वाहिद दीन मोहम्मद शेख ने 9 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की है. इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का दरवाजा खटखाया है. इंडिया टुडे से जुड़ीं विद्या की रिपोर्ट के मुताबिक, वाहिद शेख ने बताया कि 2006 में हुए ट्रेन ब्लास्ट के मामले में उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया गया था मुंबई : सात जगहों पर बम धमाके;180 से ज्यादा लोगों की मौत : जांच की विश्वनीयता पर फिर से उठने लगे हैं सवाल
Published On
By Online Desk
मुंबई लोकल ट्रेन बम धमाका मामले में 12 आरोपियों को बरी किए जाने के बाद जांच की विश्वनीयता पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) के उस सिद्धांत को खारिज कर दिया, जिसमें स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) और लश्कर-ए-तैयबा की संलिप्तता बताई गई थी। गौरतलब है कि 11 जुलाई 2006 को मुंबई की लोकल ट्रेनों में सात जगहों पर बम धमाके हुए थे। ये धमाके पश्चिमी लाइन पर हुए थे, जिनमें 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे। 
