वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना: NGT ने मछुआरा संघ को याचिका में संशोधन के निर्देश दिए
Waghivali Creek Pipeline Project: NGT directs fishermen's association to amend petition
वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना से जुड़े मामले में NGT ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। मछुआरों का दावा है कि परियोजना के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है, जबकि मामले की सुनवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण में जारी है। #NGT #MumbaiNews #MaharashtraNews #Fishermen #PipelineProject
मुंबई महानगर क्षेत्र से जुड़ी वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना को लेकर चल रहे विवाद में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने कहा कि याचिका में कुछ आवश्यक तथ्यों और दावों को अधिक स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की जरूरत है, ताकि मामले की प्रभावी सुनवाई हो सके।
मामला उन मछुआरों से जुड़ा है जिन्होंने दावा किया है कि पाइपलाइन परियोजना के निर्माण कार्य के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि परियोजना के चलते मछली पकड़ने की गतिविधियों पर असर पड़ा है, जिससे स्थानीय मछुआरा समुदाय को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सुनवाई के दौरान NGT ने याचिकाकर्ता संघ को निर्देश दिया कि वह अपने दावों, प्रभावित लोगों की संख्या, कथित नुकसान और मांगे गए मुआवजे से संबंधित विवरणों को संशोधित याचिका में स्पष्ट रूप से शामिल करे। इसके बाद ही मामले की आगे की सुनवाई की जाएगी।
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि यह पाइपलाइन क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, प्रभावित समुदायों की चिंताओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।
मछुआरा संगठनों का कहना है कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ पारंपरिक आजीविका पर पड़ने वाले प्रभाव का उचित आकलन होना चाहिए। उनका आग्रह है कि जिन लोगों की आय प्रभावित हुई है, उन्हें उचित मुआवजा और राहत प्रदान की जाए।
फिलहाल NGT ने मामले की अगली सुनवाई तक संशोधित याचिका दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। संशोधित दस्तावेज जमा होने के बाद अधिकरण आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगा।


