NGT
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना: NGT ने मछुआरा संघ को याचिका में संशोधन के निर्देश दिए
Published On
By Rokthok Lekhani
वाघिवली क्रीक पाइपलाइन परियोजना से जुड़े मामले में NGT ने मछुआरा संघ को अपनी मुआवजा याचिका में संशोधन करने का निर्देश दिया है। मछुआरों का दावा है कि परियोजना के कारण उनकी आजीविका प्रभावित हुई है, जबकि मामले की सुनवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण में जारी है। #NGT #MumbaiNews #MaharashtraNews #Fishermen #PipelineProject मुंबई : 45 में से 22 स्टेशनों पर ओजोन प्रदूषण; एनजीटी ने गहरी चिंता जताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की
Published On
By Online Desk
सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर के 57 में से 25 निगरानी स्टेशनों पर आठ घंटे की सीमा से अधिक समय तक ओजोन प्रदूषण रहा, जबकि मुंबई के 45 में से 22 स्टेशनों पर भी यही स्थिति देखी गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ताजा रिपोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में ग्राउंड-लेवल ओजोन प्रदूषण के खतरनाक स्तर को उजागर किया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने इस पर गहरी चिंता जताते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है। नई दिल्ली :हस्तशिल्प निर्यातक कंपनी पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना; सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश को रद कर दिया
Published On
By Online Desk
देश के शीर्ष न्यायालय ने एनजीटी के उस आदेश पर आपत्ति जताई है, जिसमें पर्यावरण मानदंडों का उल्लंघन करने वाली मुरादाबाद स्थित हस्तशिल्प निर्यातक कंपनी पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था। दरअसल, मामले से जुड़ी सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश को रद कर दिया। न्यायालय ने इसके साथ ही कहा कि देश का कानून राज्य या किसी भी जांच एजेंसी को पर्यावरण संबंधी मामलों में किसी का मांस खींचने की अनुमति नहीं देता। एनजीटी ने सीआरजेड मंजूरी के बारे में स्पष्टीकरण मांगा...
Published On
By Online Desk
नैटकनेक्ट फाउंडेशन के निदेशक बी एन कुमार ने सीआरजेड मंजूरी को यह कहते हुए चुनौती दी थी कि मंदिर को आवंटित 40,000 वर्ग मीटर का भूखंड मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल) के लिए स्थापित अस्थायी कास्टिंग यार्ड से बाहर ले जाया गया है और यह एक प्रतिबंधित क्षेत्र है। 
