खारघर में पेड़ों की कटाई पर बवाल: PMC द्वारा 24 पुराने पेड़ काटने की मंजूरी के खिलाफ पर्यावरण प्रेमियों का विरोध
Environmental Row Erupts In Kharghar After PMC Approves Felling Of 24 Mature Trees
खारघर में PMC द्वारा 24 पुराने पेड़ काटने की अनुमति दिए जाने के बाद पर्यावरण कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने विरोध शुरू कर दिया है।
नवी मुंबई के खारघर इलाके में 24 पुराने और बड़े पेड़ों को काटने की अनुमति दिए जाने के बाद पर्यावरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Panvel Municipal Corporation (PMC) के इस फैसले के खिलाफ स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन पेड़ों की कटाई एक विकास परियोजना और सड़क से जुड़े कार्यों के लिए प्रस्तावित की गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन पेड़ों को हटाया जा रहा है वे कई साल पुराने हैं और इलाके के पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण नवी मुंबई के हरित क्षेत्र लगातार कम होते जा रहे हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को पेड़ काटने के बजाय वैकल्पिक योजना बनानी चाहिए थी।
विरोध करने वाले नागरिकों ने PMC से अनुमति प्रक्रिया और पर्यावरणीय प्रभाव रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। कुछ संगठनों ने यह भी कहा कि मानसून से पहले पेड़ों की कटाई पर्यावरण और स्थानीय जैव विविधता के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
दूसरी ओर PMC अधिकारियों का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई है। प्रशासन का दावा है कि प्रभावित पेड़ों के बदले नए पौधे लगाए जाएंगे और विकास कार्य सार्वजनिक हित में किए जा रहे हैं।
महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में पेड़ों की कटाई और विकास परियोजनाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। मुंबई मेट्रो कारशेड, सड़क विस्तार और रियल एस्टेट परियोजनाओं को लेकर भी पर्यावरण समूह लगातार विरोध करते रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ते शहरी विकास के बीच हरित क्षेत्रों का संरक्षण बेहद जरूरी है, खासकर ऐसे समय में जब शहरों में गर्मी और प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है।
फिलहाल खारघर में यह मुद्दा स्थानीय स्तर पर बड़ा पर्यावरणीय और राजनीतिक विषय बन गया है और नागरिकों द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है।


