गोवंडी में मॉनसून से पहले नालों की सफाई में देरी, रहवासियों ने जताई बाढ़ और बीमारियों की आशंका
Delay in cleaning drains before monsoon in Govandi; residents fear flooding and diseases
गोवंडी में मॉनसून से पहले नालों की सफाई में देरी पर रहवासियों ने चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि इससे बाढ़ और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, जबकि BMC ने देरी के पीछे ठेकेदार और तकनीकी कारण बताए हैं।
मुंबई: मुंबई के गोवंडी इलाके में मॉनसून से पहले होने वाले नालों की सफाई (डिसिल्टिंग) में देरी को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर चिंता जताई है। रहवासियों का कहना है कि समय पर काम शुरू नहीं होने से इस साल बाढ़ और स्वास्थ्य संकट का खतरा बढ़ सकता है।
जानकारी के अनुसार, एम-ईस्ट, एम-वेस्ट और एल वार्ड के कई बड़े नालों में अब तक जरूरी सफाई कार्य शुरू नहीं हुआ है, जबकि मॉनसून आने में बहुत कम समय बचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
नगर निगम (BMC) ने देरी के पीछे कई कारण बताए हैं, जिनमें ठेकेदारों की कमी, पिछले घोटालों की जांच के बाद प्रक्रिया में देरी और उपकरणों की चोरी जैसी समस्याएं शामिल हैं। साथ ही अधिकारियों ने यह भी कहा कि नालों में कचरा फेंकना भी एक बड़ी समस्या है, जिससे सफाई कार्य प्रभावित होता है।
रहवासियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहा है। इस मामले में एक कानूनी नोटिस भी भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि नालों की सफाई में लापरवाही नागरिकों के जीवन के अधिकार (Article 21) का उल्लंघन है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर पानी जमा हुआ तो मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। गोवंडी पहले से ही खराब स्वच्छता और जलभराव की समस्या से जूझता रहा है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि नए ठेकेदारों की नियुक्ति के बाद जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन स्थानीय लोग अब भी स्थिति को लेकर चिंतित हैं।


