मुंबई: लाइक्स और व्यूज के लिए बनाया विमान हादसे का सनसनीखेज वीडियो, मुंबई पुलिस ने यूट्यूबर को किया अरेस्ट
Mumbai: Mumbai Police arrest YouTuber for creating sensational plane crash video for likes and views
सोशल मीडिया पर तेजी से व्यूज पाने की चाहत और अधिक से अधिक कमाई करने की होड़ ने एक खतरनाक डिजिटल ट्रेंड को जन्म दे दिया है। यूट्यूब चैनल वाले विभिन्न हादसे और घटनाओं को भ्रामक कंटेंट के साथ सनसनीखेज वीडियो बनाकर इसकी मदद से यूट्यूब पर दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। इस डिजिटल ट्रेंड को मुंबई में सामने आए एक ताजा मामले ने उजागर किया है। साइबर पुलिस ने वायरल वीडियो के जरिए पैसे कमाने की कोशिश में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
मुंबई: सोशल मीडिया पर तेजी से व्यूज पाने की चाहत और अधिक से अधिक कमाई करने की होड़ ने एक खतरनाक डिजिटल ट्रेंड को जन्म दे दिया है। यूट्यूब चैनल वाले विभिन्न हादसे और घटनाओं को भ्रामक कंटेंट के साथ सनसनीखेज वीडियो बनाकर इसकी मदद से यूट्यूब पर दर्शकों को आकर्षित कर रहे हैं। इस डिजिटल ट्रेंड को मुंबई में सामने आए एक ताजा मामले ने उजागर किया है। साइबर पुलिस ने वायरल वीडियो के जरिए पैसे कमाने की कोशिश में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
विमान हादसे से जुड़ा भ्रामक वीडियो बनाया
पश्चिम साइबर पुलिस के मुताबिक, आरोपी अक्षय सोनाले ने बारामती में हुए एक राजनेता के कथित विमान हादसे से जुड़ा आपत्तिजनक और भ्रामक वीडियो तैयार कर उसे यूट्यूब पर अपलोड किया था। इस वीडियो को इस तरह पेश किया गया कि लोगों में डर और भ्रम फैल सके, जिससे अधिक से अधिक व्यूज मिलें और चैनल की कमाई बढ़े। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त वीडियो को जानबूझकर सनसनीखेज बनाकर पेश किया गया था, जिसकी वास्तविक जानकारी से कोई संबंध नहीं था। यह यूट्यूब चैनल अक्षय ने पत्नी के नाम से पंजीकृत किया था जबकि नंबर अपना डाला था। इसके चलते पुलिस अक्षय तक पहुंचने में कामयाब रही। बांद्रा कोर्ट ने अक्षय को पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पहले भी हुई थी एक की गिरफ्तारी
इस मामले में पहले भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसने यह वीडियो आरोपी तक पहुंचाया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी उद्धव कापसे जालना का निवासी है। उद्धव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सनसनीखेज वीडियो बनाकर अपलोड किया था। इस वीडियो को काफी व्यूज मिले थे। उद्धव कापसे की तरह दो दर्जन से अधिक यूट्यूब चैनल वाले पुलिस की रेडार पर हैं। इससे साफ है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोग पैसे कमाने के लिए कैसे अर्धसत्य कंटेंट परोसकर पैसे कमा रहे हैं, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बनी रहती हैं।
प्रशासन का क्या कहना है
साइबर सेल के डीसीपी पुरुषोत्तम कराड का कहना है कि इस तरह के विवादित वीडियो न केवल समाज में भ्रम फैलाते हैं, बल्कि लोगों की भावनाओं से भी खिलवाड़ करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि व्यूज और पैसे के लालच में गलत या भ्रामक कंटेंट बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


