मुंबई : ईंधन संकट के बीच भारत को मिली बड़ी खुशखबरी, होर्मुज पार कर मुंबई आया एलपीजी टैंकर
Mumbai: Amid fuel crisis, India receives good news as LPG tanker crosses Strait of Hormuz to Mumbai
ईरान-अमेरिका जंग के बीच भारत को बड़ी खुशखबरी मिली है. ईंंधन संकट की आहट के बीच होर्मुज पार कर एक एलपीजी टैंकर मुंबई आ चुका है. जी हां, भारतीय झंडे वाला एलपीजी कैरियर जहाज बीडब्ल्यू टायर आज यानी बुधवार सुबह होर्मुज को पार कर मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा. यह एलपीजी कैरियर जहाज बीडब्ल्यू टायर उन दो एलपीजी कैरियर जहाजों में से एक है, जो शुक्रवार को दुबई-रास अल खैमा से रवाना हुए थे. दूसरा कैरियर बीडब्ल्यू एल्म है जो रास्ते में है और वह भी न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचने वाला है.
मुंबई : ईरान-अमेरिका जंग के बीच भारत को बड़ी खुशखबरी मिली है. ईंंधन संकट की आहट के बीच होर्मुज पार कर एक एलपीजी टैंकर मुंबई आ चुका है. जी हां, भारतीय झंडे वाला एलपीजी कैरियर जहाज बीडब्ल्यू टायर आज यानी बुधवार सुबह होर्मुज को पार कर मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा. यह एलपीजी कैरियर जहाज बीडब्ल्यू टायर उन दो एलपीजी कैरियर जहाजों में से एक है, जो शुक्रवार को दुबई-रास अल खैमा से रवाना हुए थे. दूसरा कैरियर बीडब्ल्यू एल्म है जो रास्ते में है और वह भी न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचने वाला है.
दरअसल, बीडब्ल्यू टायर एक एलपीजी टैंकर है. इसे 2008 में बनाया गया था. यह भारत के झंडे के तहत चलता है और इसकी कुल लंबाई 225 मीटर और चौड़ाई 36.6 मीटर है. एलपीजी कैरियर जहाजों यानी बीडब्ल्यू टायर और बीडब्ल्यू एल्म में लगभग 94,000 टन का माल लदा है. इससे पहले एलपीजी टैंकर पाइन गैस और जग वसंत होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत पहुंचे थे. इन जहाजों पर लदी गैस देश में लगभग एक दिन की खाना पकाने की गैस की खपत के बराबर थे.
अभी आए एलीपीजी टैंकर बीडब्ल्यू टीवाईआर उन 22 भारतीय झंडे वाले जहाज में शामिल हैं जो पश्चिम एशिया में युद्ध के बाद फारस की खाड़ी में फंस गए थे. इसका कारण युद्ध के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य का लगभग बंद होना है. होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच का संकरा जलमार्ग है, जो तेल और गैस उत्पादक खाड़ी देशों को शेष विश्व से जोड़ता है. इससे पहले, लगभग 92,712 टन एलपीजी ला रहे एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी सुरक्षित रूप से भारतीय तट पर पहुंच चुके हैं. यह देश की लगभग एक दिन की खाना पकाने की गैस की खपत के बराबर है.
अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले और ईरान के पलटवार के बाद पश्चिम एशिया में बनाव बढ़ गया है. उस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय ध्वज वाले 28 भारतीय जहाज मौजूद थे. इनमें से 24 जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में और चार पूर्वी हिस्से में थे. पिछले कुछ दिन में दोनों तरफ से दो-दो जहाज सुरक्षित रूप से जलडमरूमध्य तक पहुंचने में सफल रहे हैं.
भारत को एक और खुशखबरी
इस बीच भारत को एक और खुशखबरी मिलने जा रही है. जी हां, करीब सात साल के बाद भारत को ईरान से कच्चा तेल जल्द मिलने की संभावना है. ईरानी तेल से लदा एक जहाज गुजरात के वाडिनार बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा है. जहाजों की निगरानी करने वाले आंकड़ों के मुताबिक, ‘पिंग शुन’ नामक यह जहाज लगभग छह लाख बैरल कच्चा तेल लेकर भारत की तरफ बढ़ रहा है.


