मुंबई : शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर ६७ लाख ७० हजार रुपए का लगा दिया चूना
Mumbai: By luring people with the promise of huge profits in share trading, they were duped of Rs 67 lakh 70 thousand.
साइबर अपराध से बचने के लिए मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय द्वारा लगातार जारी की जाने वाली चेतावनियों के बावजूद लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन रहे हैं। ताजा मामले में मीरा रोड निवासी एक ४७ वर्षीय गृहिणी को साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर महज दो महीनों के भीतर ६७ लाख ७० हजार रुपए का चूना लगा दिया।
मुंबई : साइबर अपराध से बचने के लिए मीरा भायंदर-वसई विरार पुलिस आयुक्तालय द्वारा लगातार जारी की जाने वाली चेतावनियों के बावजूद लोग ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बन रहे हैं। ताजा मामले में मीरा रोड निवासी एक ४७ वर्षीय गृहिणी को साइबर ठगों ने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर महज दो महीनों के भीतर ६७ लाख ७० हजार रुपए का चूना लगा दिया। काशीमीरा पुलिस थाने में दर्ज एफआइआर में शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें किसी अनजान नंबर से व्हॉट्सऐप संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें शेयर मार्केट में निवेश कर अधिक मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। संदेश में दिए गए लिंक को क्लिक करते ही शिकायतकर्ता को एक व्हॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया, जिसमें ठगों द्वारा मार्केट में निवेश से होनेवाले मुनाफे के दावे किए जा रहे थे। ग्रुप के सदस्य कंपनी के दस्तावेजों के साथ ट्रेडिंग की जानकारी शेयर करते रहे तो शिकायतकर्ता को भरोसा हुआ कि उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है।
शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर
ठगे जाने का एहसास होने पर शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम सेल और काशीमीरा पुलिस से संपर्क किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट), २००० की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल के साथ मिलकर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के दौरान लिंक, ऐप और संबंधित सर्वर की जांच के अलावा जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उनके डिटेल्स खंगालने शुरू कर दिए हैं।
सायबर पुलिस ने किया आह्वान
संदिग्ध कॉल करने वाले अज्ञात लोगों से किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन से बचने और सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल देते हुए, साइबर पुलिस ने आव्हान किया है कि ठगी के शिकार लोग स्थानीय पुलिस स्टेशनों से संपर्क कर सकते हैं या सीधे १९३० पर साइबर अपराध सेल से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा www.cybercrime.gov.in पर ईमेल के माध्यम से या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर ऑनलाइन धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने का अतिरिक्त विकल्प भी उपलब्ध है।
एंट्री फीस लेने के बाद उड़ा ली पूरी रकम
५० हजार रुपए एंट्री फीस जमा करने के बाद शिकायतकर्ता ने ठगों द्वारा दिए गए बैंक खाता नंबरों में कुल ६० लाख २० हजार रुपए आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि सेबी के नियमों का हवाला देकर शिकायतकर्ता की बैंक से जुड़ी जानकारियां भी ले ली गर्इं और बताया गया कि उन्हें आईपीओ में शेयर अलॉट हो गए हैं। जब शिकायतकर्ता ने अपने पैसे निकालना चाहे तो उल्टा ठगों ने और ३५ लाख ४० हजार रुपए पैसे निवेश करने का दबाव बनाना शुरू कर दिया और धमकी दी कि अतिरिक्त राशि न देने पर पहले जमा की गई रकम भी जब्त कर ली जाएगी।


