मुंबई : चुनावी प्रक्रिया में शामिल वाहनों की सख्त निगरानी के लिए पहली बार जियो-फेंसिंग सिस्टम का इस्तेमाल
Mumbai: Geo-fencing system used for the first time to strictly monitor vehicles involved in the election process
बीएमसी चुनाव में पहली बार प्रशासन एक नई तकनीकी का उपयोग करने जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया में शामिल वाहनों की सख्त निगरानी के लिए पहली बार जियो-फेंसिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रणाली के जरिए चुनाव कार्य में लगे कुल 2,865 वाहनों की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखी जाएगी। बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी के निर्देश पर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
मुंबई : बीएमसी चुनाव में पहली बार प्रशासन एक नई तकनीकी का उपयोग करने जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया में शामिल वाहनों की सख्त निगरानी के लिए पहली बार जियो-फेंसिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। इस प्रणाली के जरिए चुनाव कार्य में लगे कुल 2,865 वाहनों की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखी जाएगी। बीएमसी आयुक्त भूषण गगराणी के निर्देश पर चुनावी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है।
मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधाओं से लेकर मानवबल की तैनाती, सुरक्षा व्यवस्था और मतगणना तक हर स्तर पर कड़ी तैयारी की गई है। इसी कड़ी में चुनावी वाहनों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने के लिए यह नई निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।
बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदान मशीनों, चुनावी अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही के लिए कुल 2,865 वाहनों की व्यवस्था की गई है। इनमें बेस्ट की 1,023 बसें, महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल की 101 बसें, 1,160 निजी बसें और 581 टैक्सियां शामिल हैं। सभी वाहनों की निगरानी के लिए बीएमसी मुख्यालय में एक विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है।
ऑनलाइन मैप पर जियो फेंसिंग
खास बात यह है कि पहली बार प्रत्येक चुनाव निर्णय अधिकारी के कार्यालय के ऑनलाइन मैप पर जियो-फेंसिंग की सुविधा दी गई है। यदि कोई निर्धारित वाहन अपने तय क्षेत्र या कार्यालय सीमा से बाहर जाता है, तो तुरंत कंट्रोल रूम को अलर्ट मिलेगा। इसके आधार पर वाहन की स्थिति की तत्काल जांच की जा सकेगी। इस पूरी व्यवस्था को संचालित करने के लिए कंट्रोल रूम में कचरा प्रबंधन विभाग के 3 अभियंता और 3 ऑपरेटर को 8-8 घंटे की शिफ्ट में तैनात किया गया है।


