मुंबई : बीएमसी चुनाव: भारतीय वोटर आईडी के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर विदेशी (एनआरआई), ईसीआई की भूमिका पर सवाल
MUMBAI: BMC Elections: Foreigners (NRIs) at Mumbai Airport with Indian Voter ID, ECI's role questioned
मुंबई एयरपोर्ट पर नागरिक चुनावों से पहले 28 एनआरआई को भारतीय वोटर आईडी कार्ड ले जाते हुए पकड़े जाने का खुलासा रिपोर्ट में हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो महीनों में मुंबई एयरपोर्ट पर जांच के दौरान 28 ऐसे एनआरआई पकड़े गए, जो कथित तौर पर विदेशी नागरिक होने के बावजूद भारतीय वोटर आईडी कार्ड लेकर यात्रा कर रहे थे। भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है। हालांकि, इन एनआरआई की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
मुंबई : मुंबई एयरपोर्ट पर नागरिक चुनावों से पहले 28 एनआरआई को भारतीय वोटर आईडी कार्ड ले जाते हुए पकड़े जाने का खुलासा रिपोर्ट में हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले दो महीनों में मुंबई एयरपोर्ट पर जांच के दौरान 28 ऐसे एनआरआई पकड़े गए, जो कथित तौर पर विदेशी नागरिक होने के बावजूद भारतीय वोटर आईडी कार्ड लेकर यात्रा कर रहे थे। भारत दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं देता है। हालांकि, इन एनआरआई की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह खुलासा 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई नगर निगम चुनावों से ठीक पहले सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने पिछले दो महीनों में लगभग 28 अनिवासी भारतीयों को विदेशी नागरिकता होने के बावजूद कथित तौर पर भारतीय वोटर आईडी कार्ड ले जाने के आरोप में रोका है। ज़ब्ती के बाद, इमिग्रेशन अधिकारियों ने वोटर आईडी कार्ड जब्त कर लिए और भारत के चुनाव आयोग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद इन्हें रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई। पकड़े गए अधिकांश लोग कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, नेपाल और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के नागरिक बताए गए हैं। बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने हैं और नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि चुनावों को देखते हुए पिछले दो महीनों में मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जांच प्रक्रिया और कड़ी कर दी गई थी।
इमिग्रेशन विभाग के एक सूत्र ने कथित तौर पर मिड-डे को बताया, “हमारी टीमें मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन काउंटरों पर पासपोर्ट और दस्तावेज़ों की जांच के लिए तैनात हैं। हम विशेष रूप से एनआरआई द्वारा ले जाए जा रहे वोटर आईडी कार्ड को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि वे अब भारतीय नागरिक नहीं हैं और इसलिए मतदान के पात्र नहीं हैं।”
अधिकारियों के हवाले से मुंबई के इस दैनिक अख़बार ने रिपोर्ट किया है कि कई एनआरआई ने कथित तौर पर भारत के चुनाव आयोग को गलत जानकारी देकर वोटर आईडी कार्ड हासिल किए थे। सूत्र ने बताया, “इनमें से कई के परिवार के सदस्य भारत में रहते हैं और वे वीज़ा-मुक्त या लंबे समय के वीज़ा पर अक्सर देश आते-जाते रहते हैं। उन्होंने अपने रिश्तेदारों के पते का इस्तेमाल कर खुद को भारत का निवासी बताया और वोटर आईडी कार्ड हासिल कर लिया।”
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि एनआरआई वोटर आईडी कार्ड के पात्र नहीं हैं, भले ही उनके पास कानूनी रूप से आधार कार्ड या पैन कार्ड क्यों न हो। सूत्र ने कहा, “ये लोग कथित तौर पर अपने नागरिकता वाले देशों में भी मतदान कर रहे थे और भारत में भी वोट देने की कोशिश कर रहे थे, जो एक गंभीर उल्लंघन है।”
इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि नियमित जांच के दौरान ही वोटर आईडी कार्ड का पता चला। एक अधिकारी ने कहा, “एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की इमिग्रेशन काउंटर पर जांच की जाती है। जब कुछ एनआरआई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने भारतीय वोटर आईडी कार्ड दिखाए। नागरिकता और रिकॉर्ड की पुष्टि के बाद कार्ड जब्त कर लिए गए और मामले की रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई।”


