दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरों से भरा; रतलाम और झाबुआ जिले की सीमा पर वाहनों पर पत्थरबाजी की घटना
Night travel on the Delhi-Mumbai Expressway is fraught with danger; vehicles are stoned on the border of Ratlam and Jhabua districts.
पश्चिम मध्य प्रदेश से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरों से भरा हो गया है. नए साल के पहले ही दिन रतलाम और झाबुआ जिले की सीमा पर वाहनों पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. नए साल की रात बड़ोदरा से लौट रहे रतलाम निवासी सरफराज खान के साथ यह घटना हुई है. जिसमें उनकी कार के शीशे क्षतिग्रस्त हुए हैं. एक्सप्रेस वे पर रतलाम जिले का रावटी आने से पूर्व अज्ञात लोगों ने वाहनों पर पथराव किया जिसमें से एक पत्थर रतलाम की तरफ आ रही कर के कांच पर लगा है.
रतलाम : पश्चिम मध्य प्रदेश से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात का सफर खतरों से भरा हो गया है. नए साल के पहले ही दिन रतलाम और झाबुआ जिले की सीमा पर वाहनों पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है. नए साल की रात बड़ोदरा से लौट रहे रतलाम निवासी सरफराज खान के साथ यह घटना हुई है. जिसमें उनकी कार के शीशे क्षतिग्रस्त हुए हैं. एक्सप्रेस वे पर रतलाम जिले का रावटी आने से पूर्व अज्ञात लोगों ने वाहनों पर पथराव किया जिसमें से एक पत्थर रतलाम की तरफ आ रही कर के कांच पर लगा है.
अज्ञात बदमाशों ने कार पर फेंके पत्थर
पत्थरबाजी से घबराकर कार चालक जैसे तैसे धामनोद स्थित टोल नाके तक पहुंचा और घटना की जानकारी टोल कर्मियों को दी. वहीं, स्थानीय पुलिस को भी पत्थर बाजी के बारे में सूचना दी. लेकिन पुलिस ने घटना का क्षेत्र झाबुआ जिले के थांदला में होने का कह कर थांदला पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाने की बात कही है.
रतलाम और झाबुआ की सीमा पर खतरा
दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर रतलाम और झाबुआ जिले के अंतर्गत आने वाले हिस्से पर पत्थरबाजी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा यात्रियों को असुरक्षित महसूस हो रहा है. बीती रात रतलाम निवासी सरफराज खान परिजन का इलाज करवा कर बड़ौदा से लौट रहे थे. रावटी के पहले उनकी गाड़ी पर अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया.
सरफराज ने बताया कि, ''अचानक से कार के कांच पर पत्थर टकराया तो हमारी गाड़ी अनियंत्रित होते होते बची. मैंने गाड़ी न रोकते हुए गाड़ी सीधे धामनोद स्थित टोल नाके पर रोकी. टोल कर्मियों और पुलिस को इस घटना की सूचना दी.'' सरफराज ने बताया कि, ''धामनोद टोल नाके पर आए पुलिसकर्मियों को जब उन्होंने घटना के बारे में बताया तो उनका कहना था की घटना झाबुआ जिले के थांदला क्षेत्र में घटी है इसलिए इसकी शिकायत आप थांदला पुलिस थाने में करवाइए. इसके बाद पीड़ित परिवार शिकायत किए बिना ही अपने घर लौट गया.''
एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप पाटीदार ने बताया कि, ''झाबुआ के थांदला और रतलाम जिले के रावटी के बीच पथराव की घटना हुई है. टोल कंपनी की हाईवे पेट्रोलिंग टीम इससे पर लगातार निगरानी रखती है. वहीं हाईवे पर लगे हुए सीसीटीवी कैमरों से भी पत्थर बाजी की घटना को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है.'' उन्होंने बताया, ''स्थानीय पुलिस थानों की टीम भी रात्रिकालीन गश्त करती है.''
इस हिस्से पर रात में पत्थरबाजी का खतरा
करीब 2 वर्षों से पश्चिम मध्य प्रदेश से गुजरने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का यह हिस्सा ऑपरेटिंग मोड में है. लेकिन रतलाम के सैलाना, रावटी और शिवगढ़ क्षेत्र सहित झाबुआ के थांदला क्षेत्र के आदिवासी इलाके में पत्थर बाजी की 2 दर्जन से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं. रतलाम और झाबुआ पुलिस ने इसके लिए रात्रि गश्त करने के साथ ही नाइट विजन ड्रोन का इस्तेमाल भी किया. लेकिन एक्सप्रेस वे के इस हिस्से पर पत्थर बाजी की घटनाएं थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद होती रहती हैं. दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर रात में सफर करने वाले यात्री भयभीत हैं और रात के समय रतलाम से थांदला की तरफ सफर करने से डर रहे हैं.


