महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के आवास ‘ एक चायवाला कोरोनावायरस से संक्रमित, ‘मातोश्री’ को सुरक्षा के नजरिए से सील कर दिया गया
महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ को सील कर दिया गया है. ‘मातोश्री’ के पास एक चायवाला अपनी चाय की दुकान लगाता था. इस दुकानदार को कोरोनावायरस से संक्रमित होने के शक में उसे आइसोलेशन वॉर्ड में ले जाया गया और ‘मातोश्री’ को भी सुरक्षा के नजरिए से सील कर दिया गया है. आपको बता दें कि ‘मातोश्री’ महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे का पैतृक निवास स्थान है, जहां वो अपने परिवार के साथ रहते हैं.
इस इलाके में कोविड-19 का संदिग्ध मिलने की वजह से सुरक्षा के नजरिए से सीएम उद्धव ठाकरे के निवास स्थान को सील कर दिया गया है. सूत्रों की मानें तो इस इलाके के एक चाय वाले में कोरोना वायरस के संदिग्ध लक्षण देखे गए जिसके बाद बीएमसी ने यहां पर नोटिस चिपका दिया. बीएमसी ने इस नोटिस पर यह भी लिख दिया कि अगर नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए गए तो आपके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
महाराष्ट्र की सियासत का गढ़ है ‘मातोश्री’
साल 1980 में बाला साहेब का परिवार बांद्रा ईस्ट के कलानगर में बने बंगले ‘मातोश्री’ में रहने के लिए आया तब से ‘मातोश्री’ महाराष्ट्र की सियासत की धुरी बन गया है. बीते चार दशकों से ‘मातोश्री’ का नाम महाराष्ट्र में हर किसी की जुबां पर रहता है. मुंबई की इस तीन मंजिला इमारत के सामने महाराष्ट्र की हर एक इमारत बौनी दिखाई देती है. इसे शिवसेना के संस्थापक बाला साहेब ठाकरे ने बनवाया था.
साल 1995 में हुआ ‘मातोश्री’-2 का निर्माण
साल 1995 में जब बीजेपी-शिवेसना के गठबंधन की सरकार महाराष्ट्र में आई तब ‘मातोश्री’ बंगले को तोड़करके उसमें सुधार किया गया और इसे तीन मंजिला इमारत बनाई गई जिसमें ग्राउंड फ्लोर भी शामिल था इसमें ग्राउंड फ्लोर पर शिवसेना सुप्रीमों बाला साहेब ठाकरे की पार्टी का कार्यालय था जबकि पहली और दूसरी मंजिल पर उनका परिवार रहता था. जब ‘मातोश्री’ में जगह कम पड़ने लगी तब उसके सामने ‘मातोश्री’-2 बंगले का निर्माण किया गया. लेकिन उद्धव ठाकरे पुराने ‘मातोश्री’ में अपने परिवार के साथ रहते हैं ये 10 हजार स्वायर फीट में बना हुआ है.


