कॉन्ग्रेस नेता का बेहूदा रवैया: मेट्रो में सुरक्षकर्मियों को धमकी, महिला पत्रकार से बदसलूकी
महाराष्ट्र में जनता की इच्छा के विरुद्ध जाकर शिवसेना द्वारा एनसीपी और कॉन्ग्रेस के साथ सरकार बनाने का असर अब प्रदेश में दिखने लगा है। बिन बहुमत मिले सरकार का हिस्सा हो जाने से दोनों पार्टी के नेता और उनके रिश्तेदार अपना आपा खो चुके हैं और जनता को अपनी असलियत दिखाने से नहीं चूक रहे। कल सोशल मीडिया पर एनसीपी नेता के भाई की एक वीडियो वायरल हुई थी, जिसमें वे एक मजदूर को मार रहा था। आज कॉन्ग्रेस नेता की पोलपट्टी खुली है। जिसमें वे अपने पद की धौंस दो सुरक्षाकर्मियों को दिखा रहे हैं। मेट्रो स्टेशन पर हुए इस वाकये को खुद इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार तबस्सुम ने अपने ट्विटर पर साझा किया है।
तबस्सुम ने लिखा कि कल मेट्रो स्टेशन में घुसते ही उन्होंने किसी को कहते सुना, “तुम जानते हो मैं पार्षद हूँ”। जब उन्होंने पास जाकर देखा तो वो कॉन्ग्रेस नेता विक्रांत चव्हाण थे। जो मेट्रो स्टाफ और सुरक्षाकर्मियों पर तेज आवाज में चिल्ला रहे थे और सुरक्षाक र्मी उन्हें शांत करने की कोशिश में जुटे थे।
बतौर पत्रकार, किसी शख्स को इस तरह बर्ताव करता देख तबस्सुम पूरा मामला जानने के लिए बेचैन हो गईं। उन्होंने साजिद नाम के सुरक्षाकर्मी से पूछा कि आखिर हुआ क्या है? साजिद ने बताया,”ये पार्षद हैं, यही कारण है कि ये चिल्ला रहे हैं और किसी की सुन ही नहीं रहे।”
तबस्सुम के मुताबिक उन्होंने खुद सुना कि सुरक्षाकर्मी उनसे निवेदन कर रहे थे कि वे साइलेंट जोन में न चिल्लाएँ। लेकिन शायद विक्रांत चव्हाण पर पद का इतना घमंड था कि वो किसी की सुनने को राजी नहीं हुए। और चुप होने की बजाए ज्यादा तेज चिल्लाने लगे।
I have been getting a lot of calls from everyone over the incident involving corporator Vikrant Chavan. Thank you, but this thread was posted to only highlight abuse of power.I am not a victim here.I am not injured.He hit to stop the video. No police complaint or news needed https://t.co/1p0g6DvnVG
— Tabassum (@tabassum_b) January 16, 2020
कॉन्ग्रेस नेता का ऐसा रवैया देख, तबस्सुम ने हस्तेक्षेप किया। उन्होंने बड़े आराम से चव्हाण को शांत हो जाने को कहा, लेकिन उनकी आवाज और तेज हो गई। वो पत्रकार को कहने लगे, “तू जा यहाँ से, मैं विक्रांत चव्हाण हूँ। पार्षद।” बस फिर क्या, तबस्सुम मे पूरे मामले की वीडियो बनानी शुरू कर दी। जिसे देखकर चव्हाण नाराज हो गए और तबस्सुम के हाथ पर मारकर वीडियो रोकने की कोशिश की।
तबस्सुम के अनुसार, इस घटना के तुरंत बाद वहाँ अधिक सिक्योरिटी आ गई। जिन्हें देखकर वे स्टेशन से बाहर चले गए। तबस्सुम लिखती हैं कि एनसीपी नेता के भाई की वीडियो वायरल होने के बाद अब ये कॉन्ग्रेस नेता हैं, जो अपनी ताकत का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं।


