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Read More... नई दिल्ली : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के वकील ने बताया कैसे मिली राहत!
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By Online Desk
नाबालिगों के कथित यौन शोषण से जुड़े मामले में द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी Avimukteshwaranand Saraswati को बड़ी राहत देते हुए Allahabad High Court ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया है। अदालत ने मामले में विस्तृत सुनवाई के बाद फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी और अंतिम निर्णय सुरक्षित रख लिया है, जिससे उन्हें तात्कालिक कानूनी सुरक्षा मिल गई है। मुंबई : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष' शाहरुख-सलमान और सचिन समेत कई हस्तियों को मिला न्यौता
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर शनिवार-रविवार (7-8 फरवरी, 2026) को मुंबई में सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम को लेकर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विस्तृत जानकारी दी. सुनील आंबेकर ने कहा कि यह संवाद कार्यक्रम समाज के सभी वर्गों के लिए है और इसमें देश, हिंदुत्व और संघ की कार्यप्रणाली को लेकर स्पष्टता रखी जाएगी. शनिवार (7 फरवरी, 2026) को दोपहर तीन बजे से संवाद की शुरुआत होगी. इससे पहले दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे महानगरों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं, उसी कड़ी में अब मुंबई में आयोजन हो रहा है. मुंबई में कितनी बार गैर-मराठी बन चुके हैं मेयर, जानें कितने हिंदी भाषी लोगों को मिल चुका मौका?
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2026 के बृहन्मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार के दौरान मराठी पहचान और भाषा को जोरदार तरीके से उठाया गया. लेकिन इसके बावजूद भी चुनाव परिणामों ने एक अलग ही सच्चाई को सामने रखा. 227 सदस्यों वाली बीएमसी में रिकॉर्ड 80 गैर मराठी भाषी पार्षद चुने गए हैं. आइए जानते हैं कि मुंबई में कितनी बार गैर मराठी मेयर बन चुके हैं. प्रवर्तन निदेशालय का समन आया है? अब क्यूआर कोड से वेरिफाइ कर पाएंगे, एजेंसी ने कहा- ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई चीज नहीं
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प्रवर्तन निदेशालय ने नकली समन और डिजिटल गिरफ्तारी के बढ़ते मामलों पर सख्त कदम उठाते हुए समन जारी करने की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है. हाल ही में ईडी के नाम पर कुछ ठगों द्वारा फर्जी समन भेजकर लोगों से जबरन वसूली और धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए थे. कई बार ये समन असली की तरह दिखते थे, जिससे आम लोग असली और नकली में फर्क नहीं कर पाते थे. अब इस खतरे को रोकने के लिए ईडी ने एक नई हाई-सिक्योरिटी डिजिटल सिस्टम शुरू किया है. इस व्यवस्था के तहत हर समन पर अब एकक्यूआर कोड और एक यूनिक पासकोड होगा. इन दोनों की मदद से कोई भी व्यक्ति ईडी की वेबसाइट या मोबाइल के जरिए समन की सच्चाई जांच सकेगा. 
