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Read More... परिवारवाद पर शिंदे गुट के नेताओं का प्रहार, कार्यकर्ताओं को मौका देकर बनाई मिसाल
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By Online Desk
मुंबई और ठाणे में आगामी महानगरपालिका चुनावों से पहले एक दिलचस्प और सकारात्मक राजनीतिक बदलाव देखने को मिल रहा है। आमतौर पर चुनावों में जहां नेता अपने परिवार और रिश्तेदारों को टिकट दिलाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते हैं, वहीं शिवसेना (शिंदे गुट) के कुछ प्रमुख नेताओं ने ‘परिवारवाद’ को दरकिनार कर सामान्य कार्यकर्ताओं के लिए अपनी दावेदारी छोड़ दी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के पूर्व सांसद राहुल शेवाले की पत्नी कामिनी शेवाले, मंत्री प्रताप सरनाईक के पुत्र पूर्वेश सरनाईक और सांसद नरेश म्हस्के के पुत्र आशुतोष म्हस्के ने उम्मीदवारी से पीछे हटकर एक राजनीतिक मिसाल पेश की है। मुंबई सेंट्रल की EMU कारशेड में नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण; कारशेड में ट्रेन की सुरक्षा और संचालन के लिए 45 क्रिटिकल एक्टिविटी
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दशहरा पर जहां पूरे देश में देवियों की पूजा कर उनकी शक्ति का स्मरण किया जाता है, वहीं मुंबई सेंट्रल की EMU कारशेड में नारी शक्ति का जीवंत उदाहरण देखने को मिलता है. यहां मुंबई की लाइफलाइन कहे जाने वाली लोकल ट्रेनों का मेंटेनेंस होता है, ताकि यह सुरक्षित और समय पर चलती रहें. पश्चिम रेलवे के CPRO विनीत अभिषेक ने कहा, “दशहरा शक्ति का प्रतीक है और उसी शक्ति का अनुसरण हमारी महिला कर्मचारी कर रही हैं. गगरेट : लेटलतीफी का सबसे बड़ा उदाहरण बनी नंगल डैम-तलवाड़ा ब्राडगेज रेललाइन
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देश में रेल परियोजनाओं की लेटलतीफी का सबसे बड़ा उदाहरण बनी नंगल डैम-तलवाड़ा ब्राडगेज रेललाइन ने पीएमओ को भी सोचने पर विवश कर दिया है। करीब 14 प्रधानमंत्रियों का कार्याकाल देख चुके इस देश में वर्ष 1974 में नंगल डैम-तलवाड़ा ब्रॉडगेज लाइन का सपना संजोया गया तो रणनीतिक दृष्टि से अति महत्त्वपूर्ण इस रेल परियोजना को वर्ष 1981-82 में जब स्वीकृति मिली तो 83.71 किलोमीटर लंबे इस रेलवे ट्रैक के लिए 33.49 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत हुआ, जिसमें अलग से तलवाड़ा-मुकेरियां रेल सेक्शन के 29.16 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का निर्माण भी शामिल था। सामरिक साझेदारी के जरिए अफ्रीका-एशिया में इंडिया की बढ़ेगी धाक, भारत-मिस्र दोस्ती बनेगी मिसाल...
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74वें गणतंत्र दिवस पर राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ से पूरी दुनिया ने भारत के शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन देखा. इसके साथ ही एक बार फिर से भारत की अद्भुत संस्कृति के इंद्रधनुषी रंगों से भी दुनिया का परिचय हुआ. इन सबके बीच कर्तव्य पथ से भारत और मिस्र की दोस्ती की नई इबारत भी लिखी गई. 
