अदालत ने महाराष्ट्र में बंद के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दलों से जवाब मांगा

अदालत ने महाराष्ट्र में बंद के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर दलों से जवाब मांगा

मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने मंगलवार को शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी को उस जनहित याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया, जिसमें तीनों सत्तारूढ़ दलों द्वारा अक्तूबर 2021 में राज्य में आयोजित एक दिवसीय बंद को चुनौती दी गई है

अदालत ने यह भी कहा कि अगर तीनों दल अपना हलफनामा दाखिल नहीं करते हैं तो इसके ‘नतीजे सामने आएंगे जनहित याचिका मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त जूलियो रिबेरो सहित चार वरिष्ठ नागरिकों ने की है। इसमें उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों की मौत के विरोध में 11 अक्टूबर 2021 को महा विकास अघाड़ी के तीन घटकों द्वारा बुलाए गए एक दिवसीय बंद को चुनौती दी गई थी।

Read More मुंबई : मेयर बंगले का 3.48 करोड़ से रेनोवेशन, 1931 का हेरिटेज भवन होगा रिस्टोर

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एमएस कर्णिक की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा कि तीनों दल चाहें तो तीन हफ्ते के भीतर हलफनामा दाखिल कर सकते हैं।

Read More मुंबई : महाराष्ट्र दिवस परेड के चलते दादर में ट्रैफिक प्रतिबंध, रूट डायवर्जन, पढ़िए मुंबई पुलिस ने जारी की एडवाइजरी

मुख्य न्यायाधीश दत्ता ने कहा, ‘अगर नहीं तो अदालत उनके जवाब के बगैर ही याचिका पर सुनवाई शुरू करेगी। अगर वे (राजनीतिक दल) अपना हलफनामा दाखिल नहीं करते हैं तो इसके परिणाम सामने आएंगे।’

Read More मुंबई : दिल, दिमाग, आंत का रंग हरा, फूड पॉइजनिंग से मौतें नहीं, मुंबई तरबूज केस की मिस्ट्री गहराई, आखिर उस रात क्या हुआ था?

याचिका के मुताबिक, लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के खिलाफ और कृषि कानूनों पर अब खत्म हो चुके किसान आंदोलन के प्रति एकजुटता दर्शाने के लिए तीन अक्टूबर को बुलाए गए बंद से सरकारी खजाने को 3,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

Read More ‘हम कहां जाएंगे?’ बांद्रा के गरीब नगर में बुलडोजर कार्रवाई के बीच भावुक दृश्य, बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान जारी

उच्च न्यायालय ने दिसंबर 2021 में राज्य सरकार और तीनों दलों को अपना हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था। मंगलवार को अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने हलफनामा दाखिल करने के लिए तीन हफ्ते का समय और मांगा।

याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता आरडी सोनी ने अदालत को बताया कि अभी तक किसी भी प्रतिवादी राजनीतिक दल ने कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया है।

याचिका में उच्च न्यायालय से बंद को असंवैधानिक और अवैध घोषित करने के साथ ही तीनों राजनीतिक दलों को प्रभावित नागरिकों को मुआवजा देने का निर्देश देने की मांग की गई है।

अदालत ने मंगलवार को प्रतिवादियों को अपना हलफनामा दायर करने के लिए तीन हफ्ते का अतिरिक्त समय दिया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई पांच सप्ताह के बाद निर्धारित कर दी।

Tags:
Sabri Human Welfare Foundation Ngo

Latest News

भिवंडी के IGM अस्पताल में अंधेरा होने से मचा हड़कंप, मरीज परेशान; सांसद सुरेश म्हात्रे ने दी हाई लेवल जांच की चेतावनी भिवंडी के IGM अस्पताल में अंधेरा होने से मचा हड़कंप, मरीज परेशान; सांसद सुरेश म्हात्रे ने दी हाई लेवल जांच की चेतावनी
उल्हासनगर में शिंदे गुट को बड़ा झटका, जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने पर नगरसेवक अयोग्य घोषित
ठाणे के कलवा में 10 कारों में तोड़फोड़, नशेड़ियों पर शक; रहवासियों ने मांगी रात में पुलिस पेट्रोलिंग
मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर परिसर का होगा बड़ा मेकओवर, 25 मई से प्रभादेवी में शुरू होगा ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट
मुंबई क्राइम ब्रांच का बड़ा एक्शन, विदेशी हथियारों के साथ 3 गिरफ्तार; 45 जिंदा कारतूस बरामद
वसई में पुलिसकर्मियों ने हत्या आरोपी को भगाने में की मदद? Google Pay से ₹45 हजार रिश्वत लेने का आरोप, 3 कॉन्स्टेबल गिरफ्तार