ममता बनर्जी की पार्टी में बगावत के संकेत, 60 विधायकों के समर्थन के दावों से बढ़ी सियासी हलचल
Signs of rebellion in Mamata Banerjee's party, claims of support from 60 MLAs increase political turmoil
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टीएमसी से निष्कासित ऋतब्रत बनर्जी को 59 विधायकों के समर्थन के साथ नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम ने ममता बनर्जी की पार्टी के भीतर चल रहे राजनीतिक संकट को और गहरा कर दिया है।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर आंतरिक मतभेदों की खबरों के बीच पार्टी में बगावत के संकेत मिलने लगे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, पार्टी के एक बागी गुट को करीब 58 से 60 विधायकों का समर्थन मिलने का दावा किया जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि बागी नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर अलग पहचान की मांग की है। इस घटनाक्रम के बाद TMC नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है और पार्टी के भीतर शक्ति संतुलन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
राजनीतिक संकट के बीच TMC ने राज्य की कई प्रमुख संगठनात्मक इकाइयों और फ्रंटल संगठनों को भंग करने का फैसला लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी में बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने और संगठन पर नेतृत्व की पकड़ मजबूत करने की कोशिश हो सकता है।
इसी बीच, अभिषेक बनर्जी को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। हाल के दिनों में उन पर हुए हमले और विभिन्न जांच एजेंसियों की कार्रवाई को लेकर TMC लगातार केंद्र सरकार और विपक्ष पर निशाना साध रही है। ममता बनर्जी ने भी सार्वजनिक मंचों से पार्टी नेताओं पर हुए हमलों और राजनीतिक दबाव के मुद्दे उठाए हैं।
हालांकि, बागी गुट से जुड़े कुछ नेताओं ने यह भी संकेत दिया है कि वे अभी भी ममता बनर्जी को पार्टी का प्रमुख चेहरा मानते हैं, लेकिन संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व शैली को लेकर असहमति रखते हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी के भीतर संघर्ष केवल नेतृत्व परिवर्तन का नहीं बल्कि संगठनात्मक नियंत्रण का भी है।
फिलहाल पश्चिम बंगाल की राजनीति में हालात तेजी से बदल रहे हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि TMC इस आंतरिक संकट से कैसे निपटती है और क्या बागी गुट अलग राजनीतिक पहचान बनाने में सफल होता है या नहीं।


