टोरेस फ्रॉड केस में नया मोड़, पुराने निवेशकों के अकाउंट फिर सक्रिय; EOW जांच के बीच बढ़ी चिंता
Torres fraud case takes a new turn, with accounts of old investors reactivated; concerns mount amid EOW investigation
टोरेस घोटाले में नया मोड़ सामने आया है। कई पुराने निवेशकों के अकाउंट दोबारा सक्रिय होने और नए निवेश प्रस्ताव मिलने की खबरें सामने आई हैं। EOW की जांच जारी है और निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। जानिए पूरा मामला।
मुंबई के चर्चित टोरेस निवेश घोटाले में एक नया और चिंताजनक घटनाक्रम सामने आया है। कई पूर्व निवेशकों ने दावा किया है कि उनके पुराने टोरेस अकाउंट दोबारा सक्रिय हो गए हैं और उन्हें नए निवेश प्रस्तावों से जुड़े कॉल, व्हाट्सएप संदेश और ईमेल प्राप्त हो रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब मामले की जांच मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ लोगों ने खुद को "टोरेस इंटरनेशनल" का प्रतिनिधि बताते हुए निवेशकों से संपर्क किया और पुराने मोबाइल नंबरों के जरिए अकाउंट पुनः सक्रिय करने का आग्रह किया। इसके साथ ही कथित तौर पर ऊंचे रिटर्न वाली नई निवेश योजनाओं में पैसा लगाने के प्रस्ताव भी दिए गए।
जांच एजेंसियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुराने निवेशकों का डेटा किसके पास है और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है। कई निवेशकों ने दावा किया कि अकाउंट पुनः सक्रिय करने के बाद उन्हें क्रिप्टोकरेंसी आधारित निवेश योजनाओं की जानकारी भेजी गई, जिनमें साप्ताहिक और मासिक आकर्षक रिटर्न का दावा किया गया था।
टोरेस मामला पहले से ही बड़े वित्तीय घोटालों में गिना जा रहा है। EOW द्वारा दायर आरोपपत्र में हजारों निवेशकों के साथ करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का उल्लेख किया गया है। जांच में यह भी सामने आया था कि कंपनी कथित तौर पर असामान्य रूप से ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश जुटाती थी।
इस बीच अधिकारियों की ओर से नए प्लेटफॉर्म या दोबारा सक्रिय हुए अकाउंट्स की प्रामाणिकता पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। EOW और अन्य एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं तथा निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन निवेश योजनाओं में बहुत कम समय में अत्यधिक रिटर्न का दावा किया जाता है, उनमें निवेश करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना जरूरी है। टोरेस मामले में भी हजारों निवेशक कथित रूप से ऐसे ही वादों के कारण प्रभावित हुए थे।


