मुंबई : BEST का बड़ा फैसला, 500 छोटी CNG मिडी बसें खरीदने की तैयारी
Mumbai: BEST takes major decision after Bhandup accidents, prepares to buy 500 small CNG midi buses
भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा।
मुंबई : भांडुप क्षेत्र में हाल ही में लंबी इलेक्ट्रिक बसों से जुड़े दो हादसों के बाद BEST (बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट) अंडरटेकिंग ने अपने बस बेड़े में बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। पूर्वी उपनगरों में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और संचालन संबंधी दिक्कतों को देखते हुए अब छोटी 9-मीटर CNG मिडी बसों को फिर से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, BEST ने एक नए प्रस्ताव के तहत 500 एयर-कंडीशंड (AC) CNG मिडी बसें खरीदने की योजना बनाई है। इन बसों को विशेष रूप से भांडुप, पवई, विक्रोली और कांजुरमार्ग जैसे इलाकों में चलाने की तैयारी है, जहां सड़कें संकरी, ढलान वाली और जटिल हैं। इन क्षेत्रों में 12-मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों को पहले से ही संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
यह फैसला हाल ही में हुई एक घटना के बाद लिया गया है, जिसमें एक खड़ी इलेक्ट्रिक बस पीछे की ओर लुढ़क गई थी और सड़क किनारे एक बूथ से टकरा गई थी। प्रारंभिक जांच में इस दुर्घटना का कारण ड्राइवर की लापरवाही बताया गया, जिसमें कहा गया कि बस में हैंडब्रेक नहीं लगाया गया था। हालांकि BEST के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह समस्या केवल मानवीय त्रुटि तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़े वाहनों के लिए क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति भी एक बड़ी चुनौती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रूट 605 और 606 जैसे मार्ग, जहां भीड़ और ढलान अधिक है, वहां लंबी बसों का संचालन जोखिम भरा साबित हो रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों के लिए छोटी बसें अधिक उपयुक्त हैं क्योंकि वे संकरी सड़कों पर बेहतर तरीके से चल सकती हैं और मोड़ लेने में भी अधिक सुरक्षित होती हैं। इसी वजह से CNG मिडी बसों को फिर से शामिल करने का निर्णय लिया गया है। पहले इस परियोजना के तहत करीब 200 मिडी बसें जोड़ने की योजना थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 500 बसों तक कर दिया गया है। यह विस्तार इसलिए किया गया है ताकि मुंबई में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट्स के साथ बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सके।
BEST का कहना है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, कुशल और यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण है। नई बसें न केवल दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करेंगी, बल्कि उन इलाकों में भी बेहतर सेवा प्रदान करेंगी जहां बड़े वाहन पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में बस रूटों का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा, ताकि हर क्षेत्र के हिसाब से उपयुक्त बसें चलाई जा सकें। इसके साथ ही ड्राइवर प्रशिक्षण और सुरक्षा मानकों को भी और मजबूत किया जाएगा। कुल मिलाकर, भांडुप हादसों के बाद लिया गया यह निर्णय मुंबई के उपनगरीय इलाकों में सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


