इंदौर : चाय आधी, छोटे हुए समोसे और तवा रोटी गायब… गैस किल्लत में सिकुड़ा ‘स्वाद’ का शहर
Indore: Half the tea, smaller samosas and missing tawa roti… the city of ‘taste’ has shrunk due to gas shortage.
कमर्शियल गैस टंकी की किल्लत का असर अब स्वाद पर नजर आने लगा है। खाने-पीने के लिए मशहूर इंदौर के मैन्यू कम हो चले हैं। कहीं ग्लास में चाय कम हो गई, समोसे-आलूबड़े के आकार छोटे कर दिए गए हैं तो कहीं दाम ज्यादा हो चुके हैं। वैकल्पिक डीजल भट्टी गैस के मुकाबले महंगी पड़ रही है। कई दुकानों और स्टॉल पर तो ताले डल गए हैं। दुकानदार आइटम भी कम बना रहे हैं। गैस के कारण स्वाद से लेकर आर्थिक तौर पर भी प्रभाव पड़ रहा है। हालात कब सामान्य होंगे इस बारे में जिम्मेदार कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।
इंदौर : कमर्शियल गैस टंकी की किल्लत का असर अब स्वाद पर नजर आने लगा है। खाने-पीने के लिए मशहूर इंदौर के मैन्यू कम हो चले हैं। कहीं ग्लास में चाय कम हो गई, समोसे-आलूबड़े के आकार छोटे कर दिए गए हैं तो कहीं दाम ज्यादा हो चुके हैं। वैकल्पिक डीजल भट्टी गैस के मुकाबले महंगी पड़ रही है। कई दुकानों और स्टॉल पर तो ताले डल गए हैं। दुकानदार आइटम भी कम बना रहे हैं। गैस के कारण स्वाद से लेकर आर्थिक तौर पर भी प्रभाव पड़ रहा है। हालात कब सामान्य होंगे इस बारे में जिम्मेदार कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।
कई रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते स्टॉल पर लगा ताला
एमजी रोड प्रेस क्लब के पास स्थित एक रेस्टोरेंट करीब 15 दिन से बंद है। राजा प्रजापत ने बताया, गैस टंकी नहीं मिलने से रेस्टोरेंट बंद करना पड़ा। राजा का पाटनीपुरा में एक रेस्टोरेंट और है। कुछ दिन पहले तक यहां टंकी मिली, लेकिन अब बंद हो गई। यहां डीजल भट्टी से जैसे-तैसे काम किया जा रहा है। कृष्णपुरा छत्री पर पोहे, आलूबड़ा, जलेबी का स्टॉल लगाने वाले अनिल राजपाल ने भी अपना काम 15 दिन से बंद कर रखा है। अनिल का कहना है कि मेरे पास कमर्शियल गैस कनेक्शन है, उसके बाद भी टंकी नहीं मिल रही है। चंदननगर डी सेक्टर में सूरज ने अपनी चाय-नाश्ते की दुकान बंद कर रखी है।
किसी ने बढ़ाए दाम तो किसी ने की चाय कम
कमर्शियल गैस टंकी से सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे दुकानदार और चाय नाश्ते की दुकानें हो रहे हैं। सिरपुर के गणेश त्रिवेेदी ने बताया, हमने चाय, समोसा, कचोरी के रेट तो नहीं बढ़ाए हैं, लेकिन चाय की मात्रा कम कर दी है। समोसा-कचोरी को थोड़ा छोटा किया है। नृसिंह बाजार के एक दुकानदार ने समोसा, कचोरी और पोहा के दाम बढ़ा दिए हैं।
वैकल्पिक ईंधन महंगा, कई आइटम बंद किए
कोठारी मार्केट के कचोरी दुकानदार दीपक भोजावत ने बताया, उनकी दुकान पर कई तरह के नाश्ते के आइटम मिलते हैं। कचोरी के लिए डीजल भट्टी लगाई है जो गैस से महंगी पड़ रही है। हर दिन 1700 रुपए की दो टंकी से काम चल जाता था, अब डीजल भट्टी में 5 से 7 हजार रुपए तक रोज डीजल का खर्च आ रहा हैं। इस वजह से चाय, भजिए, खमण जैसे आइटम बंद कर दिए हैं। प्रकाश राठौर ने बताया, हम भट्टी, इंडक्शन, तंदूर का उपयोग कर रहे हैं।


