मुंबई में मौसम जल्द मेहरबान होगा मौसम, अप्रैल की शुरुआत में गर्मी से मिल सकती है राहत
The weather in Mumbai will soon be favorable, relief from the heat may come in early April.
मुंबई में इस बार गर्मी कुछ ज्यादा ही कहर बरपा रही है, जबकि अभी तो गर्मी ने बस दस्तक ही दी है. कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार जारी हीटवेव चेतावनियों के बीच मुंबईवासियों को आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. IMD ने अगले सप्ताह से मौसम में बदलाव का अनुमान जताया है, जिससे शहर और उपनगरों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार 31 मार्च से मुंबई और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और कहीं‑कहीं गरज‑चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जो अप्रैल की शुरुआत तक जारी रह सकती हैं.
मुंबई: मुंबई में इस बार गर्मी कुछ ज्यादा ही कहर बरपा रही है, जबकि अभी तो गर्मी ने बस दस्तक ही दी है. कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार जारी हीटवेव चेतावनियों के बीच मुंबईवासियों को आने वाले दिनों में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है. IMD ने अगले सप्ताह से मौसम में बदलाव का अनुमान जताया है, जिससे शहर और उपनगरों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार 31 मार्च से मुंबई और आसपास के इलाकों में हल्की बारिश और कहीं‑कहीं गरज‑चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जो अप्रैल की शुरुआत तक जारी रह सकती हैं.
तापमान में गिरावट की उम्मीद
इस दौरान दिन के तापमान में भी कुछ नरमी आने की उम्मीद जताई जा रही है. ऐसा अनुमान है कि 2 अप्रैल तक अधिकतम तापमान घटकर करीब 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच सकता है, जबकि इसी महीने की शुरुआत में तापमान रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच जा पहुंचा था. इस महीने मुंबई में कम से कम चार बार हीटवेव जैसी स्थिति दर्ज की गई है. मार्च के बीच में स्थिति तब और गंभीर हो गई थी, जब सांताक्रूज इलाके में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो हाल के मार्च महीनों का रिकॉर्ड रहा.
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में येलो चेतावनी
मुंबई, पालघर और ठाणे सहित कोंकण क्षेत्र के लिए अभी तक कोई आधिकारिक मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज‑चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है, जो 1 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम में यह बदलाव अरब सागर से नमी के प्रवाह और विभिन्न मौसमी प्रणालियों के आपसी प्रभाव के कारण हो रहा है. इसे प्री‑समर के शुष्क दौर से प्री‑मानसून की अस्थिर स्थिति की ओर बढ़ता हुआ संकेत माना जा रहा है.
प्री‑मानसून बारिश से राहत संभव
यह पूर्वानुमान देश के अन्य हिस्सों में भी इस सप्ताह छिटपुट गरज‑चमक और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना से मेल खाता है. इससे मध्य और पश्चिमी भारत, खासकर महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में तापमान पर लगाम लग सकती है. हालांकि गर्मी से राहत देने वाली यह बारिश राहत भरी हो सकती है, लेकिन अधिकारियों और लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है. मार्च के आखिर और अप्रैल की शुरुआत में होने वाली प्री‑मानसून बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर तेज झोंके और अचानक आने वाली हवाएं भी देखी जा सकती हैं.


