मुंबई :  उच्च राजस्व से आरबीआई की पीआईडीएफ योजना खत्म होने के असर की भरपाई होगी पेटीएम

Mumbai:  Higher revenues to offset impact of RBI's PIDF scheme withdrawal, Paytm

मुंबई :  उच्च राजस्व से आरबीआई की पीआईडीएफ योजना खत्म होने के असर की भरपाई होगी पेटीएम

पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में बढ़ोतरी और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए की जा सकेगी।

मुंबई :  पेटीएम ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों को जानकारी दी कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (पीआईडीएफ) योजना के समाप्त होने से होने वाले किसी भी प्रभाव की भरपाई समय के साथ राजस्व में बढ़ोतरी और अधिक लक्षित बिक्री प्रयासों के जरिए की जा सकेगी। स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई जानकारी में पेटीएम की मूल कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने कहा कि वह फिलहाल पीआईडीएफ योजना के तहत प्रोत्साहन आय को मान्यता दे रही है, जो साउंडबॉक्स और ईडीसी मशीनों जैसे भुगतान स्वीकृति उपकरणों पर किए गए खर्च से जुड़ी है।

 

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कंपनी ने स्पष्ट किया कि यदि यह योजना अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद आगे नहीं बढ़ाई जाती है, तो पेटीएम को उम्मीद है कि वह उच्च राजस्व और ज्यादा केंद्रित बिक्री रणनीति के संयोजन से इसके प्रभाव की समय के साथ काफी हद तक भरपाई कर लेगी। पीआईडीएफ योजना 31 दिसंबर 2025 तक मान्य है। इसका उद्देश्य टियर-3 से टियर-6 शहरों और पूर्वोत्तर सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसे कम सेवा प्राप्त क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देना है। 30 सितंबर 2025 को समाप्त छह महीनों की अवधि में पेटीएम ने इस योजना के तहत 128 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन आय दर्ज की।

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यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब पेटीएम के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार देखा जा रहा है। लागत नियंत्रण, ऑपरेटिंग लीवरेज और तिमाही-दर-तिमाही लाभप्रदता में सुधार से कंपनी को मजबूती मिली है। ब्रोकरेज फर्म इन्वेस्टेक इक्विटीज ने भी शुक्रवार को ऑफलाइन भुगतान के क्षेत्र में पेटीएम की मजबूत मौजूदगी और मर्चेंट अधिग्रहण में उसकी अग्रणी भूमिका की सराहना की। रिपोर्ट के अनुसार, साउंडबॉक्स में पेटीएम की 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है, जबकि फिजिकल पीओएस में करीब 10 प्रतिशत और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे में 15 से 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ कंपनी बेहतर स्थिति में है।

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ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि पेटीएम की तकनीकी क्षमताएं और व्यापारियों के साथ गहरे संबंध उसे दीर्घकालिक मूल्य निर्धारण की ताकत देते हैं और ग्राहकों के लिए स्विचिंग कॉस्ट को ऊंचा बनाते हैं। इस खुलासे के साथ पेटीएम ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि वह अपनी सतत विकास संभावनाओं को लेकर आश्वस्त है।
 

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