महाराष्ट्र: बीजेपी के फ्लोर टेस्ट वॉकआउट से पहले फडणवीस ने उठाए ये तीन सवाल
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले महाराष्ट्र विकास अघाडी गठबंधन ने विधानसभा में शनिवार की दोपहर करीब 2 बजे फ्लोर टेस्ट पास कर लिया। हालांकि, इससे पहले नाटकीय घटनाक्रम हुआ और उसके बाद बीजेपी ने फ्लोर टेस्ट से पहले ही सदन से वॉकआउट किया।
जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणीस ने जिन परिस्थितियों में ट्रस्ट वोट कराया जा रहा था उसको लेकर तीन सवाल उठाए और प्रो-टेम स्पीकर यह अनुरोध किया कि कार्यवाही से पहले उसे दुरुस्त करें।
बीजेपी नेता और पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने महाराष्ट्र विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष के रूप में एनसीपी नेता दिलीप वालसे पाटिल की नियुक्ति पर शनिवार को आपत्ति जताई। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई फडणवीस ने आरोप लगाया कि विधानसभा सत्र की शुरुआत नियमों के अनुसार नहीं हुई। उन्होंने कहा, ”विधानसभा सत्र का आयोजन संवैधानिक नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी संवैधानिक नियमों के मुताबिक नहीं हुआ। हालांकि, दिलीप वालसे पाटिल ने उनके दावों को खारिज किया और कहा कि सत्र का आयोजन राज्यपाल की अनुमति से रहा है।
फडणवीस ने वालसे पाटिल को विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त करने पर भी आपत्ति जताई। फडणवीस ने कहा, ”भारत में विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को कभी नहीं हटाया गया था, आखिर भाजपा के कोलांबकर को इस पद से क्यों हटाया गया।”
इस पर वालसे पाटिल ने कहा कि राज्य कैबिनेट को विधानसभा के अस्थायी अध्यक्ष को नामित करने का ”पूरा अधिकार है। वालसे पाटिल को शुक्रवार को विधानसभा का अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्होंने भाजपा विधायक कालीदास कोलांबकर की जगह ली, जिन्हें इस पद पर इस सप्ताह की शुरुआत में नियुक्त किया गया था।


