नालासोपारा पूर्व के मानपाड़ा स्कूल में पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर जिला परिषद विद्यालय के छात्र...

Zilla Parishad school students forced to study under a tree at Manpada School in Nalasopara East.

नालासोपारा पूर्व के मानपाड़ा स्कूल में पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर जिला परिषद विद्यालय के छात्र...

नालासोपारा पूर्व के पेल्हार क्षेत्र स्थित जिला परिषद के मानपाड़ा स्कूल में पेड़ों से लटके बैनर, उनके सामने रखे गए बोर्ड और उसके बीच अवकाश के दौरान गांव में घूमते छात्र नजर आ रहे हैं। जून माह में इस स्कूल का भवन गिर जाने के बाद से इस स्कूल में पढ़ने वाले 110 छात्र पिछले बरसात से ही खुले में पढ़ाई कर रहे हैं।

नायगांव : एक ओर वसई-विरार शहर में निजी विद्यालयों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर मानपाड़ा जिला परिषद विद्यालय को शिक्षा विभाग नजरअंदाज कर रहा है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे मानपाड़ा जिला परिषद विद्यालय में पढ़ने वाले लगभग 110 छात्र चार माह पूर्व बरसात से ही खुले में पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं.

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लेकिन शिक्षा विभाग बच्चों को होने वाली परेशानी की अनदेखी कर रहा हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द बच्चों के लिए विद्यालय की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की हैं। 

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नालासोपारा पूर्व के पेल्हार क्षेत्र स्थित जिला परिषद के मानपाड़ा स्कूल में पेड़ों से लटके बैनर, उनके सामने रखे गए बोर्ड और उसके बीच अवकाश के दौरान गांव में घूमते छात्र नजर आ रहे हैं। जून माह में इस स्कूल का भवन गिर जाने के बाद से इस स्कूल में पढ़ने वाले 110 छात्र पिछले बरसात से ही खुले में पढ़ाई कर रहे हैं।

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भवन गिरने के बाद शिक्षा विभाग को इन बच्चों को छत के साथ वैकल्पिक सुविधा मुहैया करानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय पेड़ों के नीचे बैठाकर छात्रों को पढ़ाया जा रहा हैं। ऐसे में इन बच्चों को धूल के साम्राज्य में पेड़ों की गिरती पत्तियों और अब शुरू हुई ठंड में बैठकर पढ़ाई करना पड़ रहा हैं।

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इन बच्चों के बैठने के लिए जगह उपलब्ध नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने बच्चों को पेड़ के नीचे जगह उपलब्ध कराने की पहल की है। लेकिन इन बच्चों को खुले में शिक्षित करना कितना उचित है? ऐसे सवाल लगातार उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इन बच्चों को विद्यालय की सुविधा उपलब्ध कराए।