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Read More... नई दिल्ली : बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की चल रही जांच के संबंध में 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय कार्यालय ने पूर्वी कोयला क्षेत्र लिमिटेड (ईसीएल) के पट्टे वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला खनन और चोरी की चल रही जांच के संबंध में 159.51 करोड़ रुपये की संपत्ति, अस्थायी रूप से जब्त कर ली है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम बंगाल का 'लाला', जो अवैध माइनिंग के धंधे में लिप्त था, उसके नकली 'पैड' की खूब तूती बोलती थी। पुलिस व आरटीओ, 'लाला' के पैड को देखकर अवैध माइनिंग के ट्रकों को ग्रीन सिग्नल दे देते थे। सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 'लाला' का गिरोह, पश्चिम बंगाल की कई फैक्ट्रियों में कोयले की आपूर्ति करता था। नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने खदानों में कोयले की खोज में निजी कंपनियों को दी एंट्री
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केंद्र सरकार ने खदानों में कोयले की खोज में निजी कंपनियों को एंट्री दे दी है। इस पहल का उद्देश्य कोयला खदानों के संचालन में तेजी लाना और उत्पादन को बढ़ाना है। यह जानकारी सरकार की ओर से शुक्रवार को दी गई। कोयला मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, "खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 की उप-धारा (1) के दूसरे प्रावधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय गुणवत्ता परिषद-राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त निजी संस्थाओं को 26 नवंबर 2025 को मान्यता प्राप्त पूर्वेक्षण एजेंसियों के रूप में अधिसूचित किया गया है।" चंद्रपुर: सीटीपीएस में उपयोग किया जाने वाला कोयला घटिया किस्म का; 10 किलोमीटर तक प्रदूषण फैल रहा है
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चंद्रपुर थर्मल पावर स्टेशन एशिया का सबसे बड़ा थर्मल पावर स्टेशन है। इस पावर स्टेशन के रोपवे प्लांट में भारी मात्रा में कोयला संग्रहित किया जाता है, जिसे रोपवे के माध्यम से सीटीपीएस तक भेजा जाता है। हालांकि, इस प्रक्रिया से क्षेत्र में बहुत अधिक धूल और प्रदूषण फैल रहा है। इसके कारण ऊर्जानगर और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को सांस संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 
