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मुंबई : ईरान में संघर्ष से महाराष्ट्र के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है : नाना पटोले

मुंबई : ईरान में संघर्ष से महाराष्ट्र के किसानों को भारी नुकसान हो रहा है : नाना पटोले कांग्रेस नेता नाना पटोले ने महाराष्ट्र सरकार के कई मुश्किलों से निपटने के तरीके पर चिंता जताई है, जिसमें वेस्ट एशिया लड़ाई की वजह से किसानों की फसल का बहुत ज़्यादा नुकसान भी शामिल है। पटोले ने यह भी कहा कि खेती का सामान रुका हुआ है, जिससे व्यापारियों को बहुत ज़्यादा नुकसान हो रहा है और किसानों की आत्महत्या बढ़ रही है।
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पुणे : आयुष कोमकर हत्याकांड: आरोपी नाना और गैंग पर मकोका लगाया गया

पुणे : आयुष कोमकर हत्याकांड: आरोपी नाना और गैंग पर मकोका लगाया गया पिछले हफ्ते हुई आयुष कोमकर की हत्या के मामले में पुलिस ने कुख्यात अपराधी बंदू आंदेकर और उसके गैंग पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट लगाया है। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस ने गैंग लीडर बंदू आंदेकर (68) और उसके सात साथियों को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने ही नाती आयुष कोमकर की हत्या बदले के लिए करवाई। 
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Maharashtra 

पुणे : गणेश विसर्जन की पूर्व संध्या पर नाना पेठ इलाके में हिंसक गैंगवार; कुख्यात अपराधी के बेटे की गोलीबारी में मौत

पुणे : गणेश विसर्जन की पूर्व संध्या पर नाना पेठ इलाके में हिंसक गैंगवार; कुख्यात अपराधी के बेटे की गोलीबारी में मौत महाराष्ट्र के पुणे में गणेश विसर्जन की पूर्व संध्या पर नाना पेठ इलाके में हिंसक गैंगवार की घटना सामने आई है। इस घटना में कुख्यात अपराधी गणेश कोमकर के बेटे गोविंद कोमकर की गोलीबारी में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, अज्ञात हमलावरों ने गोविंद को तीन गोलियां मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में दहशत और तनाव फैल गया है। पुलिस का कहना है कि इस हत्या के पीछे पुराने गैंगवार का लिंक है। गौरतलब है कि पिछले साल 1 सितंबर 2024 को नाना पेठ में ही पूर्व एनसीपी पार्षद वनराज अंडेकर की हत्या कर दी गई थी। 
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वडाला में 5 हजार रुपये के लिए नाना की हत्या; आरोपी कोर्ट से बरी

 वडाला में 5 हजार रुपये के लिए नाना की हत्या; आरोपी कोर्ट से बरी मुंबई: सेशन कोर्ट ने एक ऐसे आरोपी व्यक्ति को बरी कर दिया है, जिसने 2022 में 5000 रुपये के लिए अपने ही नाना की हत्या कर दी थी. कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष के मामले की सत्यता पर संदेह है और इसका लाभ आरोपी को दिया जाना चाहिए. एडिशनल सेशन जज एनपी त्रिभुवन ने आरोपी को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश सुबूत आरोपी के अपराध को स्थापित नहीं करता है क्योंकि जिन परिस्थितियों से अपराध का अनुमान लगाया जा रहा है,
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