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नई दिल्ली: चुनाव आयोग को असली शिवसेना तय करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट की दलील

नई दिल्ली:  चुनाव आयोग को असली शिवसेना तय करने का अधिकार सुप्रीम कोर्ट में शिंदे गुट की दलील शिंदे गुट की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने तर्क दिया कि चुनाव आयोग को अनुच्छेद 324 के तहत किसी राजनीतिक दल के संविधान और संगठनात्मक ढांचे की जांच करने का अधिकार है, ताकि यह तय किया जा सके कि कौन सा गुट असली पार्टी का प्रतिनिधित्व करता है।कौल ने कहा कि ठाकरे गुट जिस संविधान का हवाला दे रहा था, वह चुनाव आयोग के पास पंजीकृत संविधान नहीं था। उन्होंने कहा कि 1999 में रिकॉर्ड पर रखा गया संविधान पार्टी और चुनाव आयोग के बीच विस्तृत बातचीत के बाद तैयार किया गया था।
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Mumbai 

नई दिल्ली : 'चुनाव आयोग को नियुक्ति के पूरे अधिकार, नए आदेश की जरूरत नहीं'; टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से झटका

नई दिल्ली : 'चुनाव आयोग को नियुक्ति के पूरे अधिकार, नए आदेश की जरूरत नहीं'; टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से झटका पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ झटका लगा है। चुनाव आयोग द्वारा वोटों की गिनती के लिए मुख्य रूप से केंद्र सरकार और पीएसयू के कर्मचारियों को तैनात करने के निर्देश के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस अहम मुद्दे को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने आज टीएमसी की याचिका पर सुनवाई की।
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Maharashtra 

मुंबई : स्कूल बसों की मनमानी पर रोक; रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बताएगी स्कूल बस का किराया

मुंबई : स्कूल बसों की मनमानी पर रोक; रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी बताएगी स्कूल बस का किराया अब तक प्राइवेट बस ऑपरेटर और स्कूल मिलकर मनमाने तरीके से स्कूल बस का किराया तय करते थे और बच्चों के पेरेंट्स से पूरे साल की फीस एक साथ लेते थे, लेकिन अब इस व्यवस्था पर रोक लगने जा रही है। महाराष्ट्र सरकार स्कूल बस शुल्क को नियंत्रित करने के लिए नया नियम लागू करने की तैयारी में है। नए प्रावधानों के तहत अब स्कूल बस का किराया संबंधित रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी तय करेगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके अलावा, पेरेंट्स को बड़ी राहत देते हुए अब बस का शुल्क केवल महीने के आधार पर ही लिया जाएगा। एकमुश्त वार्षिक वसूली पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
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Mumbai 

मुंबई : कानूनी अधिकार के अभाव के बावजूद अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में सरकारी हस्तक्षेप

मुंबई : कानूनी अधिकार के अभाव के बावजूद अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में सरकारी हस्तक्षेप कोई कानूनी अधिकार न होने के बावजूद, राज्य के शिक्षा अधिकारी अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों में कर्मचारियों की नियुक्ति में दखल दे रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसके चलते नागपुर हाई कोर्ट की बेंच ने शिक्षा अधिकारियों के प्रति अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है।
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