everyone
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
Read More... मथुरा : कभी मुंबई पुलिस की मुखबिर थी, आज बन गई जासूस'; मीरा ठाकुर के पति ने खाेले ऐसे राज जिसे सुनकर हर कोई हैरान
Published On
By Online Desk
जासूसी करने के आरोप में कौशांबी पुलिस द्वारा पकड़ी गई मीरा प्रजापति उर्फ मीरा ठाकुर उर्फ हरिया के पति ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। माना जा रहा है कि मीरा मुंबई पुलिस की मुखबिर थी। पति का कहना है कि मुंबई के दो युवकों के संपर्क में मीरा कई वर्षों से थी। महाराष्ट्र में हिंदी सब को आती है... यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है - उद्धव ठाकरे
Published On
By Online Desk
महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लागू करने को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम चुप नहीं बैठेंगे. मुख्यमंत्री को जाहिर करना चाहिए कि हमारे राज्य में हिंदी लागू नहीं होगी. अब अच्छा चल रहा है, हमारा हिंदी फिल्म इंड्रस्टी का विरोध नहीं. कलाकार यहां लोकप्रिय होते हैं. देश में एक ही पक्ष रखने का उनका प्रयास है. यह भाषाई आपातकाल है. हम सख्ती स्वीकार नहीं करेंगे, हिंदी सब को आती है. हमारा देश संघ राज्य है, यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है.'' मुंबई ; किसी के उकसावे में न आएं। मैं सभी से शांति बनाए रखने और देश की प्रगति की दिशा में काम करने की अपील करता हूं - विधायक अबू आज़मी
Published On
By Online Desk
समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी ने नागपुर में हुई हिंसा पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे सांप्रदायिक सद्भाव के लिए जाने जाने वाले शहर में अभूतपूर्व बताया। एक स्व-निर्मित वीडियो में, आज़मी ने एकता और प्रगति पर जोर देते हुए सभी से शांति बनाए रखने और देश के विकास की दिशा में काम करने की अपील की। हर कोई अपनी जाति और समुदाय के प्रति संवेदनशील है, लेकिन दूसरों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने में विफल रहता है - बॉम्बे हाई कोर्ट
Published On
By Online Desk
बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने कहा है कि आजकल हर कोई अपनी जाति और समुदाय के प्रति संवेदनशील है, लेकिन दूसरों के प्रति पारस्परिक सम्मान दिखाने में विफल रहता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हर सोशल मीडिया पोस्ट, टिप्पणी या भाषण पर प्रतिक्रिया की आवश्यकता नहीं होती है और असहमति व्यक्त करने के और भी परिष्कृत तरीके हैं। 
