महाराष्ट्र में हिंदी सब को आती है... यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है - उद्धव ठाकरे

Everyone knows Hindi in Maharashtra... Here the province has been created on the basis of language - Uddhav Thackeray

महाराष्ट्र में हिंदी सब को आती है... यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है -  उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लागू करने को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम चुप नहीं बैठेंगे. मुख्यमंत्री को जाहिर करना चाहिए कि हमारे राज्य में हिंदी लागू नहीं होगी. अब अच्छा चल रहा है, हमारा हिंदी फिल्म इंड्रस्टी का विरोध नहीं. कलाकार यहां लोकप्रिय होते हैं. देश में एक ही पक्ष रखने का उनका प्रयास है. यह भाषाई आपातकाल है. हम सख्ती स्वीकार नहीं करेंगे, हिंदी सब को आती है. हमारा देश संघ राज्य है, यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है.''

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र के स्कूलों में क्लास 1 से 5 तक के छात्रों को हिंदी पढ़ाने के मुद्दे पर जारी विवाद के बीच शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने फिर महायुति सरकार को घेरा है. उन्होंने गुरुवार (26 जून) को आरोप लगाया कि बीजेपी भाषा के आधार पर लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही है और महाराष्ट्र में भाषाई आपातकाल लगा रही है.

महाराष्ट्र में हिंदी भाषा को लागू करने को लेकर उद्धव ठाकरे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम चुप नहीं बैठेंगे. मुख्यमंत्री को जाहिर करना चाहिए कि हमारे राज्य में हिंदी लागू नहीं होगी. अब अच्छा चल रहा है, हमारा हिंदी फिल्म इंड्रस्टी का विरोध नहीं. कलाकार यहां लोकप्रिय होते हैं. देश में एक ही पक्ष रखने का उनका प्रयास है. यह भाषाई आपातकाल है. हम सख्ती स्वीकार नहीं करेंगे, हिंदी सब को आती है. हमारा देश संघ राज्य है, यहां भाषा के आधार पर प्रांत की रचना हुई है.''

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शिवसेना (UBT) प्रमुख ने आगे कहा, ''मैं मुख्यमंत्री था तब मराठी भाषा सख्ती से लागू थी. तब लोग कोर्ट में गए थे. मराठी रंगभूमि का हॉल बनाया था, लेकिन वो सरकार ने होने नहीं दिया. मैने और अजित दादा ने उद्घाटन किया था.'' उन्होंने ये भी कहा कि हिंदी भाषा की सख्ती होगी नहीं, बीजेपी का छिपा हुआ एजेंडा है. मराठी भाषा की इस लड़ाई में शामिल होने का आह्वान करता हूं. मराठी भाषा कलाकार इसमें शामिल होने चाहिए. बीजेपी में मराठी प्रेमी भी इस आंदोलन में शामिल हैं.''

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, ''त्रिभाषा फॉर्मूला गुजरात में नहीं है. ये तमिलनाडु और कर्नाटक में नहीं है. देश में संघराज पद्धति है. सबकी भाषा है, फिर त्रिसूत्री भाषा की क्या जरूरत है? क्रेडिट स्कोर से जॉब मिलने वाले नहीं हैं.'' 

फिल्म और संगीत कलाकारों को लेकर उन्होंने कहा, ''राजकपूर मुंबई में बड़े हुए, लता मंगेशकर ने हिंदी गाना गए, किसी को समझ नहीं, ऐसा नहीं है. मराठी मानुष को लड़ाने का काम चल रहा है. 7 जुलाई को मुंबई आजाद मैदान में धरना आंदोलन होगा. शिवसेना इसमें शामिल होगी. हिंदी भाषा विरोधी आंदोलन को लेकर 29 जून को मुंबई में सभा होगी.''

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