अनिल देशमुख भूमिगत, फोन भी नॉट रीचेबल, प्रवर्तन निदेशालय कर रही तलाश
Rokthok Lekhani
मुंबई : सौ करोड़ रुपए की रंगदारी वसूली मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच का सामना कर रहे राकांपा के वरिष्ठ नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख भूमिगत हो गए हैं। देशमुख का मोबाइल फोन भी लगातार नाट रिचेबल बता रहा है। ईडी की टीम देशमुख को ट्रेस करने का लगातार प्रयास कर रही है।
सूत्रों के अनुसार रविवार को ईडी की टीम ने नागपुर जिले के काटोल शहर स्थित देशमुख के आवास और ग्राम बाडबिहिरा के पैतृक निवास पर छापेमारी की थी। इसके बाद ईडी पूछताछ के लिए अनिल देशमुख की तलाश कर रही है, लेकिन उनका कहीं पता नहीं लग पा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि अनिल देशमुख के मिलते ही ईडी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इसी वजह से उन्होंने अपना मोबाइल फोन नाट रिचेबल कर दिया है और भूमिगत हो गए हैं।
इस बीच अनिल देशमुख ने एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने ईडी द्वारा सीज की गई संपत्ति के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर 2006 में उनके बेटे सलिल द्वारा खरीदी गई 2 करोड़ 67 लाख रुपए की जमीन को 300 करोड़ का बताया जा रहा है जो कि गलत है। साथ ही ईडी के सामने खुद पेश होने को लेकर अनिल देशमुख ने कहा कि उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा उसके बाद ही वो ईडी के सामने पेश होकर अपना जवाब देंगे।
फिलहाल अनिल देशमुख मनी लॉन्ड्रिंग और 100 करोड़ की हफ्ता वसूली के केस में ईडी के राडार पर हैं। अब तक ईडी अनिल देशमुख को तीन बार समन भेज चुकी है। इसके अलावा उनके बेटे हृषिकेश को भी समन भेजा जा चुका है। इन्हें ईडी के दक्षिण मुंबई स्थित जोनल ऑफिस में पूछताछ के लिए हाजिर होने का कहा गया, लेकिन पिता और पुत्र ने अलग-अलग कारणों से पूछताछ के लिए ईडी के ऑफिस आने में अपनी असमर्थता जता दी।
पिछले हफ्ते अनिल देशमुख की पत्नी आरती देशमुख को भी समन भेजा गया, उन्होंने भी अधिक उम्र और तबीयत का बहाना देकर आने से मना कर दिया। ऐसे में ईडी ने रविवार को अनिल देशमुख की तलाश में उनके दो ठिकानों पर स्थित पैतृक आवास पर छापेमारी की। वहां भी अनिल देशमुख का परिवार नहीं मिला, अनिल देशमुख का फोन भी नॉट रिचेबल बता रहा है।
क्यों तलाश कर रही है ED?
साल की शुरुआत में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने शिकायत की थी कि अनिल देशमुख सहायक पुलिस इंस्पैक्टर सचिन वझे सहित मुंबई पुलिस के अधिकारियों का इस्तेमाल मुंबई के रेस्टॉरेंट और बार से हफ्ता वसूली के लिए कर रहे हैं और उन्होंने पुलिस अधिकारियों को 100 करोड़ की वसूली का टारगेट दिया हुआ है। परमबीर सिंह की शिकायत पर और बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई और ईडी ने देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज कर लिया और कार्रवाई शुरू कर दी।


